Haryana School Education Update : सरकारी स्कूलों में प्रोफेशनल बनेंगे छात्र, SCERT ने तैयार की 3 नई किताबें

SCERT की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। संस्थान द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई तीन नई किताबें हर छात्र के लिए अनिवार्य होंगी। इन विषयों के लिए स्कूलों में अलग से 'स्पेशल पीरियड' भी आवंटित किए जाएंगे।

Haryana School Education Update : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए आने वाला समय बड़े बदलावों भरा होने वाला है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), गुरुग्राम ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत छठी कक्षा के पाठ्यक्रम को पूरी तरह से आधुनिक बनाने की तैयारी कर ली है। सत्र 2026-27 से छात्र अब केवल गणित और विज्ञान जैसे पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि खेल, कला और भविष्य के करियर की नींव भी छठी कक्षा से ही रखी जाएगी।

SCERT की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। संस्थान द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई तीन नई किताबें हर छात्र के लिए अनिवार्य होंगी। इन विषयों के लिए स्कूलों में अलग से ‘स्पेशल पीरियड’ भी आवंटित किए जाएंगे।

यह पुस्तक केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं है। ‘खेल यात्रा’ के माध्यम से छात्रों को योग, शारीरिक शिक्षा और फिटनेस के वैज्ञानिक पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना और पेशेवर खेलों के लिए उनकी रुचि को शुरुआती स्तर पर पहचानना है।

छात्रों की कल्पनाशीलता को उड़ान देने के लिए ‘कृति’ नामक पुस्तक पेश की जा रही है। इसमें केवल ड्राइंग ही नहीं, बल्कि डांस, ड्रामा, थिएटर और संगीत जैसी 8 अलग-अलग कला विधाओं को शामिल किया गया है। यह किताब छात्रों को अपनी अभिव्यक्ति के कौशल को निखारने और मंच पर आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगी।

अब तक सरकारी स्कूलों में वोकेशनल यानी व्यावसायिक शिक्षा नौवीं कक्षा से शुरू होती थी, लेकिन अब इसे छठी कक्षा से ही शुरू किया जा रहा है। इस तीसरी पुस्तक के जरिए छात्रों को विभिन्न करियर विकल्पों और तकनीकी कौशलों की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। इससे छात्र छोटी उम्र में ही अपनी क्षमता को पहचान सकेंगे और भविष्य में विषय चुनने में उन्हें कोई भ्रम नहीं रहेगा।

SCERT की योजना के अनुसार, इस बदलाव को केवल छठी कक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सत्र 2026-27 में छठी कक्षा से शुरुआत के बाद, अगले दो वर्षों में इसे सातवीं और आठवीं कक्षा में भी क्रमबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे छात्रों को एक निरंतर और मजबूत शैक्षणिक आधार मिल सकेगा।

शुरुआती एक्सपोजर: खेल और कला में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को जल्दी शुरुआत का मौका मिलेगा।

आत्मविश्वास में वृद्धि: डांस और थिएटर जैसे विषयों से बच्चों में सार्वजनिक रूप से बोलने की क्षमता विकसित होगी।

तनाव मुक्त पढ़ाई: नए विषयों के समावेश से पढ़ाई बोझिल नहीं लगेगी और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।

रोजगारोन्मुख शिक्षा: वोकेशनल विषयों से छात्रों की तकनीकी सोच विकसित होगी।

“शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनना है। ये नई किताबें बच्चों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर व्यावहारिक दुनिया के लिए तैयार करेंगी।” — सुनील बजाज, एडिशनल डायरेक्टर, एससीईआरटी

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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