Haryana Roadways की रात्रिकालीन बस सेवाओं पर संकट: कोहरे के कारण लग सकती है रोक, यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर
हरियाणा परिवहन निदेशालय ने बुलाई 24 डिपो के GM की आपात बैठक

Haryana Roadways के बढ़ते हादसों और शून्य दृश्यता को देखते हुए परिवहन विभाग सख्त; यात्रियों की सुरक्षा के लिए रात्रिकालीन रूटों की समीक्षा शुरू।
चंडीगढ़: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे (Smog/Fog) ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कोहरे के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य होने की वजह से होने वाले सड़क हादसों को देखते हुए हरियाणा परिवहन निदेशालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग अब राज्य में चलने वाली रात्रिकालीन बस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने या उनके समय में बदलाव करने पर विचार कर रहा है।

इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेने के लिए निदेशालय ने हरियाणा के सभी 24 डिपो के महाप्रबंधकों (General Managers) की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कोहरे की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रात्रिकालीन सेवाओं के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
निदेशालय के आदेश और मुख्य एजेंडा
परिवहन निदेशालय द्वारा जारी हालिया निर्देशों के अनुसार, सभी डिपो प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्र में कोहरे की स्थिति और पिछले कुछ दिनों में हुई दुर्घटनाओं का डेटा तैयार करने को कहा गया है। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहेंगे:
हादसों की समीक्षा: हाल के दिनों में कोहरे के कारण हुई छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का विश्लेषण करना।
रूटों का निर्धारण: किन रूटों पर कोहरा सबसे ज्यादा घना है और कहाँ बस चलाना जोखिम भरा है, उनकी पहचान करना।
समय सारणी में बदलाव: क्या लंबी दूरी की रात्रिकालीन बसों को शाम को जल्दी रवाना किया जा सकता है या सुबह सूरज निकलने के बाद चलाया जा सकता है।
तकनीकी सुरक्षा: बसों में फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर टेप की स्थिति की जांच सुनिश्चित करना।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निदेशालय का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा करना है। अधिकारी ने कहा, “धुंध के कारण नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर विजिबिलिटी न के बराबर हो जाती है। ऐसी स्थिति में भारी वाहन चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि बस में सवार दर्जनों यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए, जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक कुछ कड़े फैसले लेना अनिवार्य है।”
24 डिपो के महाप्रबंधकों की भूमिका
हरियाणा राज्य परिवहन के 24 डिपो के महाप्रबंधकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने डिपो के अंतर्गत आने वाले रूटों की वस्तुस्थिति रिपोर्ट पेश करें। जीएम स्तर पर यह तय किया जाएगा कि कौन सी बसें अनिवार्य हैं और किन बसों को कोहरे के दौरान बंद किया जा सकता है। विशेष रूप से दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम और जयपुर जैसे लंबे रूटों पर चलने वाली रात्रिकालीन बसों पर इस बैठक का सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है।
कोहरे के कारण बढ़ रहा है जोखिम
पिछले एक हफ्ते में हरियाणा के विभिन्न जिलों—जैसे रोहतक, हिसार, अंबाला और कुरुक्षेत्र—में घने कोहरे के कारण कई वाहन आपस में टकराए हैं। रोडवेज की बसें भी इन परिस्थितियों में सुरक्षित नहीं रही हैं। विभाग का मानना है कि यदि समय रहते रात्रिकालीन सेवाओं पर फैसला नहीं लिया गया, तो बड़े हादसे हो सकते हैं।
संभावित बदलाव और सुझाव
माना जा रहा है कि बैठक के बाद निम्नलिखित घोषणाएं की जा सकती हैं:
रात 10 बजे के बाद अंतरराज्यीय (Inter-state) रूटों पर चलने वाली बसों पर रोक।
बसों के लिए एक ‘न्यूनतम दृश्यता मानक’ तय करना, जिससे कम विजिबिलिटी होने पर चालक बस को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर सके।
चालकों और परिचालकों के लिए विशेष सेफ्टी ट्रेनिंग और गाइडलाइन्स जारी करना।
निष्कर्ष: हरियाणा रोडवेज अपनी बेहतरीन सेवा के लिए जाना जाता है, लेकिन प्रकृति के आगे तकनीक भी कई बार फेल हो जाती है। निदेशालय और 24 डिपो के महाप्रबंधकों की यह बैठक न केवल परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि प्रदेश के हजारों यात्रियों को सुरक्षित सफर का भरोसा भी दिलाएगी। कोहरे की इस मार के बीच, विभाग का यह ‘सुरक्षा प्रथम’ दृष्टिकोण सराहनीय है।









