Haryana Police का अभेद्य कवच तैयार, जानें कैसे व्यापारियों को मिलेगी सुरक्षा

डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के "जीरो टॉलरेंस" निर्देशों के तहत इस ऐप को विकसित किया गया है।

Haryana Police : साइबर अपराधियों और रंगदारी (Extortion) मांगने वालों के खिलाफ देश की सबसे बड़ी तकनीकी जंग छेड़ दी है। शनिवार को हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP)  अजय सिंघल ने पंचकूला में देश का अपनी तरह का पहला मोबाइल सुरक्षा प्लेटफॉर्म ‘अभेद्य’ (Abhedya) लॉन्च किया। इस ऐप के जरिए अब विदेशी नंबरों, इंटरनेट कॉलिंग और अज्ञात नंबरों से आने वाली धमकी भरी कॉल्स को न केवल रोका जा सकेगा, बल्कि उन्हें ट्रैक करना भी आसान होगा।

डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के “जीरो टॉलरेंस” निर्देशों के तहत इस ऐप को विकसित किया गया है। यह ऐप विशेष रूप से डॉक्टरों, व्यापारियों और ठेकेदारों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अक्सर विदेशी या वर्चुअल नंबरों से डराया-धमकाया जाता है। डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि जो भी भय का माहौल पैदा करेगा, उसे आतंकवादी की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह ऐप एक स्मार्ट फिल्टर की तरह काम करता है जो संदिग्ध कॉल को उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है:

ऑटो रिजेक्शन: अंतरराष्ट्रीय और अज्ञात वर्चुअल नंबरों से आने वाली कॉल खुद-ब-खुद कट जाएगी।

डेटा सुरक्षा: संदिग्ध वॉयस मैसेज, चैट और नोटिफिकेशन को डिवाइस से हटा दिया जाएगा ताकि यूजर मानसिक दबाव में न आए।

बैकहैंड ट्रेसिंग: ऐप कॉल ब्लॉक करने के साथ-साथ पुलिस को उस नंबर को ट्रेस करने में मदद करेगा।

इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। श्री सिंघल ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप जनवरी एवं फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत की कमी तथा अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मोबाइल ऐप के शुरू होने से डिजिटल फ्रॉड, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों, विशेषकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस जल्द ही ‘ड्यूल ओटीपी सिस्टम’ लागू करेगी। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के बैंक ट्रांजेक्शन का ओटीपी उनके साथ-साथ उनके किसी परिजन (बेटा/बेटी) के पास भी जाएगा। दोनों की अनुमति के बाद ही पैसा ट्रांसफर हो सकेगा। इसके लिए एचडीएफसी बैंक और आरबीआई के साथ समन्वय किया जा रहा है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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