Haryana News : हरियाणा में प्रॉपर्टी डीलरों की छुट्टी, अब सीधे सरकार करेगी खरीद-बिक्री, HSVP की नई नीति से हड़कंप
HSVP ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जो प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए एक ऑनलाइन मंच के रूप में काम करेगा। इस पोर्टल पर, कोई भी प्लॉट मालिक अपने प्लॉट को बेचने के लिए आवेदन कर सकता है।

Haryana News : हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए एक नई नीति लागू की है, जिसने राज्य के प्रॉपर्टी डीलरों के बीच हलचल मचा दी है। इस नीति के तहत, निजी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री अब सीधे HSVP के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रॉपर्टी डीलरों का काम पूरी तरह से ठप होने की आशंका है। डीलरों की तमाम एसोसिएशनें इस नीति का विरोध कर रही हैं और उन्होंने इसे वापस लेने की मांग की है।
HSVP ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जो प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए एक ऑनलाइन मंच के रूप में काम करेगा। इस पोर्टल पर, कोई भी प्लॉट मालिक अपने प्लॉट को बेचने के लिए आवेदन कर सकता है। प्लॉट की बिक्री नीलामी के माध्यम से की जाएगी, जिसकी तारीख 27 सितंबर तय की गई है। सरकार का कहना है कि इस नीति से विक्रेता और खरीदार के बीच लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और धोखाधड़ी कम होगी।
इस नई व्यवस्था के तहत, HSVP दोनों पक्षों से कमीशन वसूलेगा। विक्रेता को पोर्टल पर प्रॉपर्टी लिस्ट करने के लिए ₹10,000 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। इसके अलावा, उसे मांगी गई कीमत का 0.25% कमीशन भी देना होगा। वहीं, खरीदार को अंतिम बोली राशि का 0.50% कमीशन के रूप में चुकाना पड़ेगा।
प्रॉपर्टी डीलरों की एसोसिएशनें इस नीति को अस्पष्ट और अव्यावहारिक बता रही हैं। उनका तर्क है कि यह नीति खरीदारों के लिए जोखिम भरी हो सकती है, क्योंकि इसमें प्रॉपर्टी से संबंधित विवादों, जैसे कि लोन या गिरवी, का पता लगाना मुश्किल होगा। डीलरों का कहना है कि वे सौदे के साथ-साथ कानूनी जांच का काम भी करते हैं
जिसकी नई नीति में कोई गारंटी नहीं है। इसके अलावा, मौके पर कब्जा दिलाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। इन खामियों को देखते हुए, डीलरों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर इस नीति को वापस लेने की मांग करने का फैसला किया है।
सरकार जहां पारदर्शिता का दावा कर रही है, वहीं कारोबारी इसे एक बड़ा जोखिम मान रहे हैं। इस नई नीति ने हरियाणा के प्रॉपर्टी बाजार में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह देखना बाकी है कि सरकार और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच इस गतिरोध का क्या समाधान निकलता है।