Traffic Challan गुरुग्राम का ‘चालान किंग’ पुलिस की गिरफ्त में; 112 चालान, फिर भी धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ती रही बाइक
ट्रैफिक पुलिस का ज्यादा चालान वाले वाहन चालकों की लिस्ट सार्वजनिक, 90 दिन की मोहलत खत्म, अब सीधे जब्ती

Traffic Challan : अगर आप भी यह सोचकर बेफिक्र हैं कि ट्रैफिक चालान कटने से क्या होता है, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा सकती है। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने वाले ‘रिपीट वायलटर्स’ के खिलाफ कमर कस ली है। इसी कड़ी में डूंडाहेड़ा बॉर्डर पर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने एक ऐसी हीरो स्प्लेंडर बाइक को जब्त किया है जिस पर 112 चालान पेंडिंग थे। इन चालानों की कुल राशि ₹72,500 तक पहुँच चुकी है।
नाकाबंदी में फंसी ‘चालान किंग’ बाइक ट्रैफिक पुलिस द्वारा 16 से 22 मार्च के बीच चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान डूंडाहेड़ा बॉर्डर पर नाकाबंदी की गई थी। जब इस बाइक को रोककर डेटा चेक किया गया, तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। इस बाइक पर बिना हेलमेट, बिना लाइसेंस, रॉन्ग पार्किंग, प्रेशर हॉर्न और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) न होने जैसी 13 अलग-अलग श्रेणियों के तहत 112 बार नियम तोड़े गए थे।
90 दिन की मोहलत खत्म, अब सीधे जब्ती नियमों के मुताबिक, चालान जारी होने के 90 दिनों के भीतर उसे भरना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 167(8) के तहत पुलिस को वाहन जब्त करने का अधिकार है। इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए पुलिस ने बाइक को इंपाउंड कर सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली ग्राउंड की अस्थाई पार्किंग में भेज दिया है। अब यह बाइक तभी छूटेगी जब मालिक पूरे ₹72,500 का भुगतान करेगा।
ज्यादा चालान वालों की लिस्ट हुई ‘पब्लिक’ डीसीपी (ट्रैफिक) डॉ. राजेश मोहन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि विभाग ने ऐसे 106 वाहन चालकों की सूची सार्वजनिक कर दी है, जिन पर 50 से ज्यादा चालान लंबित हैं। उन्होंने साफ किया है कि “हमने नोटिस जारी कर दिए हैं। यदि समय रहते बकाया नहीं चुकाया गया, तो उनके घर से भी गाड़ियां जब्त की जा सकती हैं।”
चेतावनी: आप भी रडार पर हैं! गुरुग्राम पुलिस ने अब ‘नेम एंड शेम’ (नाम उजागर कर शर्मिंदा करना) कैंपेन शुरू किया है। इस लिस्ट में 112 चालान वाली बाइक के अलावा 108, 104 और 101 पेंडिंग चालान वाले वाहन भी शामिल हैं। पिछले महीने भी डूंडाहेड़ा में एक बाइक पकड़ी गई थी जिस पर करीब ₹4.81 लाख का जुर्माना बकाया था।
निष्कर्ष: ट्रैफिक पुलिस की इस धड़पकड़ से साफ संदेश है—नियमों का पालन करें या भारी भरकम जुर्माना भरने और अपनी गाड़ी से हाथ धोने के लिए तैयार रहें।