Gurugram Water Supply : 100 कॉलोनियों में पानी की दिक्कत होगी दूर, जीएमडीए ने तैयार किया प्लॉन

जीएमडीए ने शहर के एक बड़े हिस्से को कवर करने के लिए यह महायोजना तैयार की है। नई पेयजल लाइन बसई जल शोधन संयंत्र (Basai Water Treatment Plant) से शुरू होगी।

Gurugram Water Supply : मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के लाखों निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। शहर की करीब 100 कॉलोनियों और सेक्टरों में पिछले कई सालों से चली आ रही पानी की किल्लत को हमेशा के लिए दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक निजी ठेकेदार कंपनी को करीब साढ़े 54 करोड़ रुपये (₹54.5 करोड़) की लागत से नई पेयजल पाइपलाइन डालने का काम आवंटित कर दिया है। प्राधिकरण का दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिलने लगेगा।

जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर हासिल करने वाली कंपनी 1 जून 2026 से धरातल पर काम शुरू कर देगी। इस पूरी पाइपलाइन को बिछाने के लिए डेढ़ साल (18 महीने) का समय तय किया गया है। योजना के मुताबिक, अगले साल यानी दिसंबर 2027 तक पेयजल लाइन डालने का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।

इसके तुरंत बाद इस नई लाइन का ट्रायल (परीक्षण) शुरू होगा। सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो साल 2028 की गर्मियों की शुरुआत से ही इन इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी और लोगों को टैंकर माफिया से मुक्ति मिल जाएगी।

जीएमडीए ने शहर के एक बड़े हिस्से को कवर करने के लिए यह महायोजना तैयार की है। नई पेयजल लाइन बसई जल शोधन संयंत्र (Basai Water Treatment Plant) से शुरू होगी। इसके बाद यह द्वारका एक्सप्रेसवे से होते हुए पालम विहार, सेक्टर-21, 22, 23, डूंडाहेड़ा, मौलाहेड़ा, उद्योग विहार से गुजरेगी और अंत में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित डीएलएफ फेज-2 और फेज-3 तक पहुंचेगी। इन सभी क्षेत्रों और इनके आसपास लगती कॉलोनियों को इस नई ग्रिड से जोड़ा जाएगा।

इस योजना के धरातल पर आने से स्थानीय निवासियों में उम्मीद की किरण जगी है। लोगों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए इस फैसले का स्वागत किया है डूंडहेड़ा गांव के निवासी  ने बताया हमारे गांव की आबादी करीब एक लाख है। पिछले महीने भीषण गर्मी में पांच दिनों तक पानी नहीं आया, जिससे लोग त्रस्त हो गए थे। नई लाइन डलने से हमें बहुत बड़ी राहत मिलेगी। पालम विहार के कई ब्लॉकों में गर्मियों के दौरान पानी का दबाव बेहद कम हो जाता है। हमें मजबूरी में महंगे दामों पर पानी के टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ता है।

प्रशासनिक खामियों को उजागर करते हुए कहा, “पिछले पांच वर्षों से गर्मियों में यहां जल संकट गहरा जाता है। सरकार ने चौथी मंजिल (Fourth Floor) के निर्माण को मंजूरी तो दे दी, जिससे कई नए मकान बन गए और आबादी बढ़ गई, लेकिन पानी का बुनियादी ढांचा पुराना ही रहा। इसे दुरुस्त करना बेहद जरूरी था।”

नए गुरुग्राम (New Gurugram) के लिए भी जीएमडीए की तरफ से एक अच्छी खबर है। सेक्टर-36ए के समीप द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे डाली गई नई पाइपलाइन का ट्रायल सफलता पूर्वक शुरू कर दिया गया है। इस पाइपलाइन के माध्यम से सेक्टर-72 स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पानी पहुंचाया जाएगा।

इसके चालू होते ही सेक्टर-68 से लेकर सेक्टर-80 तक के इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ जाएगी। वर्तमान में सेक्टर-76 से लेकर सेक्टर-80 तक की बहुमंजिला सोसाइटियों में रहने वाले लोग भूजल (Groundwater) या टैंकरों पर निर्भर हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले महीने से ही इन सेक्टरों की सोसाइटियों को पर्याप्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा।

नई पेयजल लाइन डालने का टेंडर आवंटित कर दिया गया है। आगामी डेढ़ साल के भीतर लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस रूट पर आने वाले सभी गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों को भरपूर पानी मिलेगा। अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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