गुरुग्राम वासियों को हेलीकॉप्टर सर्विस के लिए करना होगा इंतजार, अटका हेलीपैड (Helipad) प्लान

सेक्टर-36 में 18 एकड़ जमीन का पेंच: HSIIDC को मुख्यालय से हरी झंडी मिलने की आस, एयर कनेक्टिविटी में हो रहा विलंब

Helipad : ले-आउट प्लान की मंजूरी में देरी से अटका हेलीपैड प्लान

साइबर सिटी गुरुग्राम को देश के पहले ‘हेली-हब’ के रूप में विकसित करने का सपना देख रहे शहरवासियों के लिए एक निराश करने वाली खबर है। सेक्टर-36 में प्रस्तावित आधुनिक हेलीपैड परियोजना फिलहाल फाइलों के जाल में उलझ गई है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) को अभी तक ले-आउट प्लान की औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है, जिसके कारण 18 एकड़ जमीन के हस्तांतरण (Transfer) की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है।

क्यों हो रही है देरी?

परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हेलीपैड के लिए निर्धारित जमीन का ले-आउट प्लान तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है, लेकिन वहां से तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी मिलने में समय लग रहा है। जब तक ले-आउट प्लान को अंतिम रूप नहीं दिया जाता, तब तक जमीन को नागरिक उड्डयन विभाग या संबंधित एजेंसी को आधिकारिक तौर पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
मुख्य बाधाएं:

  • भूमि हस्तांतरण: 18 एकड़ की प्राइम लैंड का मालिकाना हक अभी भी तकनीकी कारणों से स्पष्टता का इंतजार कर रहा है।

  • ले-आउट अप्रूवल: इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों को देखते हुए प्लान में कुछ बदलावों की संभावना के चलते देरी हो रही है।


गुरुग्राम वासियों पर क्या होगा असर?

इस देरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो दिल्ली-NCR की ट्रैफिक जाम से बचकर हवाई सेवाओं (Air Taxi) के जरिए कनेक्टिविटी की उम्मीद कर रहे थे।

  1. एयर कनेक्टिविटी में देरी: शहर से दूसरे राज्यों या हवाई अड्डे तक जाने वाली शटल हेलीकॉप्टर सेवाएं अब कुछ महीने और पीछे खिसक सकती हैं।

  2. बिजनेस हब को नुकसान: गुरुग्राम के बड़े कॉरपोरेट घरानों और निवेशकों को बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए अभी पुराने विकल्पों पर ही निर्भर रहना होगा।


क्या है भविष्य की योजना?

HSIIDC के अधिकारियों का कहना है कि वे मुख्यालय के साथ लगातार संपर्क में हैं। जैसे ही ले-आउट प्लान को मंजूरी मिलेगी, जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। सेक्टर-36 का यह लोकेशन द्वारका एक्सप्रेसवे के नजदीक होने के कारण सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ से न केवल यात्री सेवाएं बल्कि मेडिकल इमरजेंसी (Air Ambulance) के लिए भी बेहतर सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।


निगम की तैयारी

प्रशासन का दावा है कि ले-आउट मिलते ही सिविल वर्क की टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गुरुग्राम वासियों को उम्मीद है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को ‘फास्ट ट्रैक’ पर लाएगी ताकि शहर की ग्लोबल इमेज के अनुरूप यहाँ विश्व स्तरीय एयर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो सके।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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