Gurugram:पांच बीमारियों का अब निजी अस्पताल में नहीं मिलेगा इलाज,आदेश जारी
यह बदलाव उन हजारों मरीजों को प्रभावित करेगा जो इन पांच बीमारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर थे। अब उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना होगा, जिससे सरकारी अस्पतालों के लिए अपनी क्षमता और सुविधाओं को बढ़ाना एक चुनौती बन सकता है।

Gurugram News Network – स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत नए निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद अब निजी अस्पतालों में पांच महत्वपूर्ण बीमारियों का इलाज मुफ्त नहीं मिलेगा। इन इलाजों के लिए लाभार्थियों को अब केवल सरकारी अस्पतालों का रुख करना होगा। इस बदलाव से जिला नागरिक अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ और वेटिंग लिस्ट बढ़ने की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन पांच इलाजों को निजी अस्पतालों की आयुष्मान-चिरायु योजना से बाहर किया गया है, वे इस प्रकार हैं:

- मोतियाबिंद का ऑपरेशन
- बच्चेदानी का ऑपरेशन
- दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन
- उल्टी-दस्त (डायरिया) की बीमारी का उपचार
- सांस संबंधी दमा के रोगों का उपचार
इन बीमारियों से पीड़ित आयुष्मान कार्ड धारकों को अब सरकारी अस्पतालों में ही इलाज करवाना होगा।
क्या है आयुष्मान-चिरायु योजना?
आयुष्मान भारत योजना साल 2018 से चल रही है, जिसका उद्देश्य गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। इस योजना में पहले से मौजूद बीमारियों और गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया था। लाभार्थी देशभर में किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते थे। हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से अलग अपनी ‘चिरायु योजना’ भी शुरू की थी, जिससे और भी लोगों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन अब निजी अस्पतालों से कुछ इलाजों को हटाने का फैसला लिया गया है।
यह बदलाव उन हजारों मरीजों को प्रभावित करेगा जो इन पांच बीमारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर थे। अब उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना होगा, जिससे सरकारी अस्पतालों के लिए अपनी क्षमता और सुविधाओं को बढ़ाना एक चुनौती बन सकता है।











