Gurugram News: न्यू गुरुग्राम को मिलेगी बड़ी राहत, 500 करोड़ की लागत से बनेगा STP
STP न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 99 से 115 तक बिछाई जाने वाली मास्टर सीवर लाइन से जुड़ेगा, जिससे इन सेक्टरों में उत्पन्न होने वाले सीवर के पानी का उचित शोधन हो सकेगा। वर्तमान में, द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ लगते इन नए सेक्टरों में सीवर के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से कई जगहों पर गंदा पानी खाली स्थानों पर जमा हो रहा था,

Gurugram News – न्यू गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में सीवर के गंदे पानी की निकासी और शोधन की समस्या जल्द ही इतिहास बनने वाली है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने सेक्टर-107 में 200 एमएलडी क्षमता के प्रस्तावित सीवर शोधन संयंत्र (STP) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने का कार्य एक कंसल्टेंट एजेंसी को सौंप दिया है। यह कदम न्यू गुरुग्राम के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा, जहां आबादी बढ़ने के साथ-साथ गंदे पानी के जमाव की समस्या विकट होती जा रही थी।
परियोजना का विवरण:
स्थान: सेक्टर-107, न्यू गुरुग्राम
क्षमता: 200 एमएलडी (पहले चरण में 100 एमएलडी पर कार्य शुरू होगा)
अनुमानित लागत: लगभग 500 करोड़
भूमि अधिग्रहण: GMDA ने नगर निगम से लगभग 50 एकड़ जमीन ली है और 50 करोड़ का भुगतान किया है।
STP का डिज़ाइन और DNIT (ड्राइंग, नक्शा, निर्माण और निविदा) तैयार करने का कार्य कंसल्टेंट एजेंसी को दिया गया है, जिसे यह कार्य पांच माह में पूरा करना है। GMDA ने एजेंसी से तीन माह में DPR और DNIT तैयार करने को कहा है ताकि परियोजना पर जल्द काम शुरू हो सके।
यह STP न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 99 से 115 तक बिछाई जाने वाली मास्टर सीवर लाइन से जुड़ेगा, जिससे इन सेक्टरों में उत्पन्न होने वाले सीवर के पानी का उचित शोधन हो सकेगा। वर्तमान में, द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ लगते इन नए सेक्टरों में सीवर के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से कई जगहों पर गंदा पानी खाली स्थानों पर जमा हो रहा था, जिससे तालाब बन रहे थे और स्वच्छता संबंधी परेशानियां बढ़ रही थीं।
औद्योगिक इकाइयों के लिए अलग से CETP:
घरेलू सीवर के साथ-साथ, GMDA औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के शोधन के लिए भी प्रयासरत है। सेक्टर-34/35 (खाड़सा गांव) में 20 एमएलडी क्षमता का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) बनाने की योजना है। इस परियोजना की DPR भी तैयार की जा रही है और इस पर करीब ₹120 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह CETP विशेष रूप से औद्योगिक कचरे को प्रभावी ढंग से साफ करेगा, क्योंकि घरेलू STP औद्योगिक अपशिष्ट के लिए पूरी तरह से कारगर नहीं होते।
यमुना की स्वच्छता पर भी फोकस:
यह पहल यमुना एक्शन प्लान के तहत भी महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य यमुना नदी को दूषित होने से बचाना है। वर्तमान में, गुरुग्राम में पर्याप्त सीवर शोधन संयंत्रों की कमी के कारण अनट्रीटेड पानी नजफगढ़ ड्रेन के माध्यम से यमुना में गिर रहा है। इन नई परियोजनाओं के साथ, GMDA का लक्ष्य घरेलू और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी का 100% शोधन सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, धनवापुर STP (218 एमएलडी) और बेहरामपुर STP (170 एमएलडी) जैसे मौजूदा संयंत्रों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है, और मानेसर में भी 20 एमएलडी का एक नया संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।