Gurugram News: बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर बढ़ा कूड़े का पहाड़, फरीदाबाद से आ रहे कचरे ने बढ़ाई चुनौती
नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2024 के बाद से कूड़ा निस्तारण का काम धीमा हो गया है। उस समय तक लैंडफिल पर केवल 8 लाख टन पुराना कचरा बचा था

Gurugram News: गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कूड़े का पहाड़ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जो अब 19 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया है। इस समस्या की मुख्य वजह फरीदाबाद नगर निगम द्वारा लगातार कूड़ा डंप करना है, जिससे बंधवाड़ी पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर दोनों नगर निगमों के बीच कई बार पत्राचार हुआ है, लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2024 के बाद से कूड़ा निस्तारण का काम धीमा हो गया है। उस समय तक लैंडफिल पर केवल 8 लाख टन पुराना कचरा बचा था, लेकिन उसके बाद से अब तक करीब 4 से 5 लाख टन अतिरिक्त कूड़ा जमा हो गया है। इस बढ़ते बोझ को देखते हुए, नगर निगम गुरुग्राम ने कई बार फरीदाबाद नगर निगम को पत्र लिखकर कूड़ा भेजना बंद करने का आग्रह किया है। एक सप्ताह पहले भी इस विषय पर एक बैठक हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

दूसरी ओर, फरीदाबाद नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण के लिए खुद का प्लांट लगाने हेतु जगह की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन इसमें अभी समय लगेगा।
हाल ही में, 14 अगस्त को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बंधवाड़ी लैंडफिल केस की सुनवाई के दौरान, गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया कि वे फरवरी 2026 तक पुराने कूड़े के पहाड़ को पूरी तरह से खत्म कर देंगे। हालांकि, यह डेडलाइन पहले भी तीन बार बदल चुकी है, जिससे इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं।

बंधवाड़ी में नगर निगम की कुल 30 एकड़ जमीन है, जिसमें से 25 एकड़ से अधिक कूड़े के ढेर से ढकी हुई है। यहां चारकोल प्लांट लगाने के लिए एनटीपीसी को 20 एकड़ जमीन की जरूरत है, जो अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।
निगमायुक्त का बयान
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने इस समस्या पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंधवाड़ी प्लांट के लिए कूड़े के पहाड़ को खत्म करने हेतु प्लांट लगाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि फरीदाबाद नगर निगम से कूड़ा न भेजने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही टेंडर आवंटित कर दिया जाएगा।











