Gurugram News: स्मार्ट बनाने की पहल,सीएम के प्रधान सचिव ने दिया एक्शन प्लान को अंतिम रूप
बिजली के करंट से होने वाले हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में, संबंधित क्षेत्र के जेई, एसडीओ और एक्सईएन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

Gurugram News: गुरुग्राम की नागरिक समस्याओं को दूर करने के लिए एक विस्तृत और ठोस कार्ययोजना (एक्शन प्लान) को अंतिम रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने पिछले छह दिनों के अपने गुरुग्राम प्रवास के दौरान विभिन्न नागरिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं से मिले सुझावों के आधार पर यह योजना तैयार की है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह “गुरुग्राम का अपना मॉडल ऑफ गवर्नेंस” बन जाएगा, जिसे भविष्य में हरियाणा के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
खुल्लर ने हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में दो अलग-अलग बैठकों की अध्यक्षता की, जिसमें नगर निगम के पार्षदों और जिला के प्रथम श्रेणी के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने पहले सत्र में पार्षदों से उनके क्षेत्रों की मुख्य समस्याओं को ध्यान से सुना। पार्षदों ने स्वच्छता, सड़कों की मरम्मत, जल निकासी, बेसहारा पशुओं और खुले में कूड़ा जलाने जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला। श्री खुल्लर ने सभी पार्षदों को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुग्राम की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और जल्द ही इसका असर देखने को मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर इन समस्याओं के समाधान और लक्ष्य को प्राप्त करने की समय सीमा पर विस्तार से चर्चा की।
खुल्लर ने बरसात के दौरान बिजली के करंट से होने वाले हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में, संबंधित क्षेत्र के जेई, एसडीओ और एक्सईएन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को नवंबर तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने और फील्ड में जाकर लाइनों के आसपास पेड़ों की टहनियों की ट्रिमिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
खुल्लर ने नगर निगम और पुलिस अधिकारियों को शहर में बाहर से आने वाले कचरे को रोकने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को तुरंत जब्त किया जाए और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, खुले में कूड़ा जलाने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा, और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
मुख्य प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों से एक टीम के रूप में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी को अपने घर से लेकर ऑफिस तक के रास्ते की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और नागरिकों की पीड़ा को महसूस करते हुए स्वयं समाधान की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का सकारात्मक परिणाम जितनी जल्दी दिखेगा, वह शहर के लिए उतना ही बेहतर होगा।
बैठक में डिवीजनल कमिश्नर आरसी बिढान, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, डीसी अजय कुमार, सीपी विकास अरोड़ा और नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।












