Gurugram News: फ्रांसीसी महिला ने गुरुग्राम को बताया सुअरखाना, बोली- गंदगी देख उल्टी आ गई
Gurugram News: गुरुग्राम में रहने वाली फ्रांसीसी महिला ने गंदगी को लेकर अपना गु्स्सा जाहिर किया।

Gurugram News: गुरुग्राम में रहने वाली फ्रांसीसी महिला ने गंदगी को लेकर अपना गु्स्सा जाहिर किया। महिला ने MG रोड के सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के आसपास क्षेत्रका दौरा किया और वहां की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

मैथिलडे आर ने सोशल मीडिया पर लिखा -@MunCorpGurugram ने अपना सघन सफाई अभियान के लिए नागरिकों से सुझाव मांगे है। इसलिए मैने गुरुग्राम के सबसे गंदे इलाकों में से एक सिकंदरपुर मार्केट का दौरा करने का फैसला किया।
बेहद परेशान करने वाला सीन

फ्रांसीसी महिला का कहना है कि चमचमाती साइबर सिटी से केवल 500 मीटर की दूरी और गुरुग्राम के एंट्री गेट पर स्थित यह शहर का सबसे बड़ा और बिजी मेट्रो स्टेशन भी है। लेकिन वहां सिर्फ 20 मिनट में मैंने ऐसे दृश्य देखे जो बेहद परेशान करने वाले थे।
यहां सड़कें हरे सीवेज से भरी हुई थी, जिससे मुझे उल्टी आ गई। कुछ कदमों पर कचरा और रुके हुए पानी से भरे खुले कुड़ेदान जो ऐसे लग रहे थे, जैसे सालों से वहां पड़े हो- टाइफाइड के लिए स्वर्ग है। अवैध अतिक्रमण के कारण फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो गए हैं।

ग्रीन बेल्ट पर कब्जा, एक भी पौधा नहीं
फ्रांसीसी महिला ने लिखा कि ग्रीन बेल्ट पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है। यहां एक भी पौधा नहीं बचा है। यहां दुकान मालिकों ने बताया कि इस इलाकों की सफाई सालों से नहीं हुई है। इस मेट्रो स्टेशन से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, जिन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए खुले सीवर और रिक्शा के बीच गुजरना पड़ता है। उन्होंने लिखा कि आज मैंने @MunCorpGurugram के प्रयास के तहत, साड़ी पहने दो महिलाओं को एक व्यक्ति की देखरेख में झाड़ू लगाते देखा।
उनके पास कूड़े के थैले भी नहीं थे, न ही कोई सुरक्षात्मक उपकरण थे। उनके पास सिर्फ दो झाड़ू थी। एक बार तो उन्होंने सीधे धूल मेरे चेहरे पर ही झाड़ दी। इससे साफ पता चल रहा है कि बिना कचरा उठाए यहां पर गंदगी एक जगह से दूसरी जगह सरकार दी जा रही है। बस एक प्रतीकात्मक प्रयास में वो लगी हुई थी।
फ्रांसीसी महिला बोली-झूठ नहीं बोलूंगी
फ्रांसीसी महिला ने कहा कि मैं झूठ नहीं बोलूंगी, कभी-कभी यह समझना मुश्किल होता है।कि इस तरह की बकवास कैसे होती है। यह अवास्तविक लगता है, जैसे आखिर यहां क्या हो रहा है? सच कहूं तो सिर्फ एक वर्ग किलोमीटर में गंदगी का स्तर बहुत ज्यादा है।











