Gurugram News : केंद्रीय मंत्री का PA बनकर पुलिसकर्मी से 20 हजार की ठगी, मुख्य आरोपी सुनील गिरफ्तार
पुलिसकर्मी ने सुनील से इस बारे में बात की। इस पर सुनील ने ट्रांसफर करवाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।

Gurugram News : गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को केंद्रीय मंत्री का निजी सहायक (PA) बताकर हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी से ट्रांसफर करवाने के नाम पर 20 हजार रुपये की ठगी की। यह मामला साइबर फ्रॉड का एक और उदाहरण है, जिसमें जालसाजों ने भरोसे का फायदा उठाया।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, जून 2025 में हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी की मुलाकात अपने दोस्त के माध्यम से सुनील नामक एक व्यक्ति से हुई थी। दोस्त ने सुनील का परिचय एक ऐसे व्यक्ति के रूप में कराया था,
जिसकी “बड़े-बड़े अधिकारियों व मंत्रियों” से अच्छी जानकारी है। इस मुलाकात के बाद, सुनील ने खुद भी पुलिसकर्मी को बताया कि उसके बड़े अधिकारियों और मंत्रियों से संबंध हैं, और वह केंद्रीय मंत्री के PA नवीन कौशिक को भी अच्छे से जानता है।
अपनी ट्रांसफर करवाने की इच्छा रखने वाले पुलिसकर्मी ने सुनील से इस बारे में बात की। इस पर सुनील ने ट्रांसफर करवाने के बदले 50,000 रुपये की मांग की। पुलिसकर्मी ने 9 जुलाई 2025 को हजार रुपये में से 20 हजार रुपये सुनील के फोन-पे खाते में ट्रांसफर कर दिए।
सुनील ने पुलिसकर्मी की ट्रांसफर नहीं करवाई। इसके बाद, 15 जुलाई 2025 को, पुलिसकर्मी के पास एक फोन कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद की पहचान केंद्रीय मंत्री के PA नवीन कौशिक के रूप में कराई और कहा कि उसकी (पुलिसकर्मी की) बदली हो जाएगी, वह बचे हुए रुपये सुनील को भेज दे।
कॉल करने वाले की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मी ने उसे पहचान लिया – वह आवाज सुनील की ही थी। इससे स्पष्ट हो गया कि सुनील ने खुद को केंद्रीय मंत्री का PA बताकर ट्रांसफर करवाने के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी और ठगी की है। इस शिकायत पर पुलिस थाना सेक्टर 17/18, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग (केस) दर्ज किया गया।
पुलिस थाना सेक्टर 17/18, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ठगी करने वाले आरोपी को आज 16 जुलाई 2025 को गुरुग्राम से काबू कर लिया और नियमानुसार गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुनील कुमार (उम्र 38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो 10वीं पास है और रेवाड़ी (हरियाणा) के जैनाबाद गांव का निवासी है।
पुलिस पूछताछ और अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि आरोपी सुनील पर लगभग 50 लाख रुपये का कर्ज है। इसी कर्ज के चलते उसने बड़े अधिकारियों से जानकारी होने की झूठी बात बनाकर शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी से ट्रांसफर करवाने के नाम पर पैसे ठगे थे।
आगामी कानूनी कार्यवाही के लिए आरोपी सुनील को माननीय अदालत में पेश किया जाएगा। अभियोग का अनुसंधान अभी जारी है, और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सुनील ने इसी तरह से किसी और व्यक्ति को भी ठगी का शिकार बनाया है।