अस्पताल बना ‘Dog House’ : नागरिक अस्पताल में नर्स पर कुत्तों का हमला, सुरक्षा पर उठे सवाल

गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल में नवजात वार्ड पर मंडराया खतरा; पीएमओ ने जताई चिंता, नगर निगम से ठोस समाधान की गुहार

Dog House : साइबर सिटी के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ-साथ अब अपनी सुरक्षा करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। ताजा मामला सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल परिसर का है, जहाँ आवारा कुत्तों के झुंड ने ड्यूटी से लौट रही एक नर्स पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार रात करीब 08 बजे की है। अस्पताल में कार्यरत नर्स प्रीति अपनी ड्यूटी खत्म कर घर वापस लौट रही थीं। जैसे ही वह अस्पताल परिसर के खुले हिस्से में पहुंचीं, आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुना और तुरंत दौड़कर उन्हें कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। यदि लोग समय पर नहीं पहुंचते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

अस्पताल की पीएमओ (PMO) डॉ. नीना ने इस घटना पर गहरा दुख और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर आवारा कुत्तों का अड्डा बनता जा रहा है।

“हम बार-बार इन कुत्तों को परिसर से बाहर भगाते हैं, लेकिन ये अलग-अलग रास्तों और गेटों से वापस अंदर घुस आते हैं। सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं ये कुत्ते ‘नवजात वार्ड’ (MNCU) तक न पहुंच जाएं। अगर ऐसा हुआ, तो यह बहुत भयानक हो सकता है।” — डॉ. नीना, PMO

इस सनसनीखेज घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम गुरुग्राम (MCG) को लिखित शिकायत भेज दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी अपनी सीमाएं हैं और कुत्तों को पकड़ने का काम नगर निगम का है। उधर, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और वे जल्द ही टीम भेजकर अस्पताल परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

प्रशासन के लिए सुझाव 
  • बाउंड्री वॉल और गेट्स की मरम्मत: अस्पताल के उन रास्तों को बंद किया जाना चाहिए जहाँ से कुत्ते आसानी से प्रवेश करते हैं।

  • सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी: परिसर में गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि कोई भी लावारिस जानवर संवेदनशील वार्डों के करीब न आए।

  • निगम की सक्रियता: केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय, सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती कुत्तों की संख्या पर निगम को नियमित नियंत्रण अभियान चलाना चाहिए।


निष्कर्ष:
अस्पताल जैसी जगह जहाँ लोग स्वस्थ होने आते हैं, वहाँ डर का ऐसा माहौल होना चिंताजनक है। प्रशासन को समय रहते जागना होगा, इससे पहले कि कोई मासूम इन कुत्तों का शिकार बने।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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