Gurugram: प्लॉट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में कांग्रेसी नेता का रिश्तेदार गिरफ्तार
ब्राह्मण को मंदिर बनाने के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया और दस लाख रुपये की ठगी करने की योजना बनाई। आरोपियों ने दबाव बनाकर पौने छह लाख रुपये की धोखाधड़ी की,जबकि रजिस्ट्री करवाने को लेकर बहाने बनाते रहे। आरोपियों के द्वारा पीड़ित पक्ष पर लगाकार मामले को वापस लेने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है।

Gurugram News Network – गुरुग्राम पुलिस ने ब्राह्मण को प्लॉट दान में दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कांग्रेसी नेता के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विकास दुरेजा उर्फ विन्नी निवासी देवीलाल कॉलोनी, गुरुग्राम के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी 23 जून 2025 को देवीलाल कॉलोनी से की गई।
बता दे कि 18 जून 2025 को सेक्टर-9ए पुलिस स्टेशन, गुरुग्राम में एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पड़ोसी विकास दुरेजा ने उसे एक लुभावनी योजना के बारे में बताया। विकास ने कहा कि उसके चाचा, जो एक सरकारी अधिकारी हैं, उनके बॉस किसी ब्राह्मण को जमीन दान करना चाहते हैं। विकास ने शिकायतकर्ता को यह लालच दिया कि वह उस जमीन पर एक पूजा स्थल और रहने की जगह बना सकता है, बशर्ते वह विकास और उसके चाचा सुधीर को 10 लाख रुपये दे।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 अप्रैल को विकास दुरेजा ने उसे अपने चाचा सुधीर से मिलवाया। सुधीर ने भी पुष्टि की कि उसके बॉस एक ब्राह्मण को ही जमीन दान करना चाहते हैं और इसके लिए रजिस्ट्री पर 10 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके बाद सुधीर ने शिकायतकर्ता से उसकी आईडी कार्ड और वकील की फीस के तौर पर 10,000 रुपये मांगे, जिसे शिकायतकर्ता ने दे दिया।
इसी तरह, कभी कागजात पूरे करने के नाम पर तो कभी किसी अन्य बहाने से, शिकायतकर्ता को विश्वास में लेकर उससे 5 लाख 64 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई।

सेक्टर-9ए पुलिस स्टेशन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास दुरेजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस धोखाधड़ी की पूरी योजना आरोपी विकास दुरेजा ने सुधीर के साथ मिलकर बनाई थी। विकास ने सुधीर को अपना रिश्तेदार बताया था और सुधीर ने दान में प्लॉट दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता के साथ यह ठगी की। पुलिस ने आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट मे पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से रुपयों की रिकवरी और फरार चल रहे आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।










