गुरुग्राम में आज शुरू होगा Tower Of Justice : आधुनिक कोर्ट, डिजिटल सुविधाएं, CJI करेंगे लोकार्पण
56 हाईटेक अदालतें, डिजिटल सुविधाएं और मल्टीलेवल पार्किंग; साइबर सिटी के न्यायिक इतिहास में जुड़ने जा रहा है सबसे बड़ा स्वर्णिम अध्याय

Tower Of Justice : आज रविवार, 12 जुलाई 2026 को साइबर सिटी गुरुग्राम अपने न्यायिक इतिहास में सबसे बड़ा स्वर्णिम अध्याय जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर को देश के सबसे आधुनिक न्यायिक परिसरों में शुमार करने वाले भव्य ‘टावर ऑफ जस्टिस’ (Tower of Justice) का लोकार्पण आज होने जा रहा है. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शर्मा इस अत्याधुनिक परिसर का उद्घाटन करेंगे.
इस भव्य और ऐतिहासिक समारोह को लेकर जिला प्रशासन और न्यायिक प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और भवन समिति (हरियाणा) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी ने खुद कार्यक्रम स्थल (Tower Of Justice) का दौरा कर सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजामों का जायजा लिया.
Tower Of Justice : दिग्गजों की मौजूदगी में होगा ऐतिहासिक समारोह
गुरुग्राम के जिला कलेक्टर (DC) उत्तम सिंह ने बताया कि यह नया परिसर (Tower Of Justice) हरियाणा की न्यायिक अधोसंरचना (Judicial Infrastructure) को पूरी तरह बदल देगा. इस ऐतिहासिक अवसर पर देश और प्रदेश की कई बड़ी राजनीतिक व न्यायिक हस्तियां मौजूद रहेंगी, जिनमें शामिल हैं:
नायब सिंह सैनी: मुख्यमंत्री, Haryana
मनोहर लाल: केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री
अर्जुन राम मेघवाल: केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री
राव इंद्रजीत सिंह: केंद्रीय राज्य मंत्री
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय
न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी: अध्यक्ष, भवन समिति, हरियाणा
न्यायमूर्ति रोहित कपूर: प्रशासनिक न्यायाधीश, गुरुग्राम सेशन डिविजन
इनके अलावा सर्वोच्च न्यायालय और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कई माननीय न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी इस गरिमामयी समारोह का हिस्सा बनेंगे.
क्यों खास है ‘Tower Of Justice’? जानें इसकी आधुनिक खूबियां
यह नया परिसर (Tower Of Justice) केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं है, बल्कि यह तकनीक और नागरिक-केंद्रित व्यवस्था का एक बेजोड़ उदाहरण है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में तैयार किए गए इस परिसर में कई विश्वस्तरीय सुविधाएं जोड़ी गई हैं:
56 अत्याधुनिक अदालतें: एक ही परिसर में 56 कोर्ट रूम बनाए गए हैं, जिससे मुकदमों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित और सुगम तरीके से हो सकेगी.
कम्पलीट डिजिटल सेटअप: पूरी बिल्डिंग में हाई-स्पीड लैन (LAN) सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क और एडवांस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था है, जिससे जेल या अन्य शहरों से गवाही और सुनवाई डिजिटल माध्यम से सुरक्षित तरीके से हो सके.
न्यायिक सेवा केंद्र: वादकारियों (मुकदमा लड़ने वालों) की सहायता के लिए सिंगल-विंडो डिजिटल ई-सेवा केंद्र बनाया गया है.
एस्केलेटर और निर्बाध बिजली: हर मंजिल तक सुगम पहुंच के लिए लिफ्ट के साथ-साथ अलग से एस्केलेटर ब्लॉक बनाए गए हैं और 24 घंटे पावर बैकअप की व्यवस्था है.
Tower Of Justice : आम जनता और अधिवक्ताओं के लिए विशेष सुविधाएं
न्यायालय आने वाले आम नागरिकों और वकीलों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस परिसर (Tower Of Justice) में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है:
विशाल पार्किंग क्षमता: परिसर में कुल 530 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की गई है. इसमें 130 वाहन मुख्य भवन में और 400 वाहन मल्टीलेवल बेसमेंट पार्किंग में खड़े किए जा सकेंगे, जिससे कोर्ट परिसर के बाहर जाम की स्थिति नहीं बनेगी.
बार रूम और लाइब्रेरी: अधिवक्ताओं के अध्ययन और बैठने के लिए एक विशाल बार रूम और आधुनिक बार लाइब्रेरी बनाई गई है.
क्रेच और मदर केयर रूम: महिला कर्मचारियों और महिला वादकारियों की सुविधा के लिए परिसर में क्रेच (शिशु गृह) तथा मातृ एवं शिशु देखभाल कक्ष की विशेष व्यवस्था है.
अन्य सुविधाएं: परिसर में कैंटीन, सार्वजनिक भोजनालय, जजों के लिए डाइनिंगिया, जिम और कॉपीिंग एजेंसी जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई हैं.
Tower Of Justice : सुरक्षा और मीडिया के पुख्ता इंतजाम
समारोह को सुव्यवस्थित रखने के लिए पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, वीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक रूटिंग का सूक्ष्म प्लान तैयार किया है. आपातकालीन स्थितियों के लिए चिकित्सा सहायता और अग्निशमन सेवाएं मौके पर तैनात रहेंगी. सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर मनीष लोहान की देखरेख में मीडिया प्रबंधन के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि इस ऐतिहासिक क्षण का सीधा कवरेज देश तक पहुंच सके.
निश्चित रूप से, ‘Tower Of Justice’ के शुरू होने से अब गुरुग्राम के नागरिकों को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली का लाभ मिल सकेगा.