Good News: गुरुग्राम में 24 मीटर सड़कों से हटेगा अतिक्रमण,1150 एकड़ भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

सेक्टर 58 से 115 के लाखों घर खरीदारों और निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की नई रणनीति

Good News : साइबर सिटी गुरुग्राम के नए विकसित हो रहे क्षेत्रों (सेक्टर 58 से 115) में रहने वाले लाखों निवासियों और घर खरीदारों के लिए एक बेहद राहत भरी (Good News) खबर सामने आई है। नगर योजनाकार विभाग (Town Country Planning Department) ने इन इलाकों में कनेक्टिविटी की सबसे बड़ी बाधा को जड़ से समाप्त करने के लिए कमर कस ली है। विभाग की ओर से नए सेक्टर्स के बीच की 24 मीटर चौड़ी छूटी हुई अंदरूनी सड़कों के निर्माण और उन पर मौजूद सभी बाधाओं व अतिक्रमण को हटाने के लिए लगभग 1150 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की सिफारिश की गई है।

Good News : मामले की गंभीरता और जनता की परेशानी को देखते हुए विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। उन्होंने राज्य सरकार को इस संबंध में अंतिम नीतिगत प्रस्ताव भेजने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में इन सेक्टर्स में बुनियादी सड़कों की भारी कमी है, जिसके कारण कई आलीशान सोसायटियों और निजी कॉन्डोमिनियम के निवासियों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए आज भी संकरी, ऊबड़-खाबड़ और ग्रामीण सड़कों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो शहर के विकास पर एक बड़ा नासूर बन चुका है।

⚠️ मास्टर प्लान की गड़बड़ी और नीतिगत विफलता का खामियाजा

इस गंभीर समस्या की जड़ें शहर के पुराने मास्टर प्लान में हुए बदलावों से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान स्पष्ट किया था कि ‘मास्टर प्लान 2001’ के तहत इन मुख्य सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की थी, जिसके कारण तब ऐसी कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई थी। हालांकि, ‘गुरुग्राम-मानेसर मास्टर प्लान 2031’ के लागू होने के बाद इन 24-मीटर चौड़ी अंदरूनी सड़कों को बनाने की जिम्मेदारी निजी डेवलपर्स (Private Developers) पर डाल दी गई, जो पूरी तरह विफल साबित हुई।

जनता की इसी परेशानी को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस साल के बजट भाषण में एक ऐतिहासिक घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इन छूटी हुई कड़ियों (Missing Links) को जोड़ने के लिए सरकार अब खुद जमीन अधिग्रहित करेगी और सड़कों का निर्माण कराएगी। 21 मई को बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने इन सड़कों के साथ लगते व्यावसायिक जमीन के टुकड़ों को भी अधिग्रहित करने की रणनीति बनाई है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के अतिक्रमण या अवैध कब्जों की गुंजाइश न रहे।

⚖️ हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है मामला

सड़कों के न होने से परेशान नए सेक्टर्स के निवासियों ने पिछले साल अक्टूबर में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। अदालत में याचिका दायर करने वाले ‘द्वारका ई-वे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन’ के डिप्टी कन्वीनर सुनील सरीन ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नए गुरुग्राम के आधे हिस्से के विकास के लिए इन अंदरूनी सड़कों का बनना एक जीवन रेखा (Lifeline) की तरह है।

सड़कों के अभाव में न केवल यातायात बाधित है, बल्कि पानी, सीवर और बिजली जैसी बुनियादी यूटिलिटी लाइनें भी नहीं बिछाई जा पा रही हैं, जिसके कारण कई बिल्डरों को नए प्रोजेक्ट का लाइसेंस भी नहीं मिल पा रहा है। अब जबकि सरकार ने 1150 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है, स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि दशकों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
Back to top button