Global City: ग्लोबल सिटी को NH-48 से जोड़ने की तैयारी, नरसिंहपुर में बनेगी 60 मीटर चौड़ी सड़क
ड़क के लिए आवश्यक भूमि खांडसा और मोहम्मदपुर झाड़सा गांवों में आती है। इसमें कुछ जमीन निजी स्वामित्व में है जबकि कुछ हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) के अधीन है।

Global City: गुरुग्राम की महत्वाकांक्षी ग्लोबल सिटी परियोजना को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग (NH-48) से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। योजना के अनुसार, नरसिंहपुर में नए बने नाले के साथ 60 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे इस हाई-प्रायोरिटी परियोजना की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।
पिछले सप्ताह हुई जिला समन्वय बैठक में शहरी विकास के प्रमुख सलाहकार ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में ग्लोबल सिटी (जिसमें सेक्टर-36बी और सेक्टर-37 का अधिकांश हिस्सा आता है) का NH-48 से सीधा संपर्क नहीं है, हालांकि पटौदी रोड से कनेक्टिविटी मौजूद है। ढेसी ने ग्लोबल सिटी को NH-48 से जोड़ने के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार करने और अन्य विकल्पों का पता लगाने के निर्देश दिए।

इस प्रस्तावित सड़क के लिए आवश्यक भूमि खांडसा और मोहम्मदपुर झाड़सा गांवों में आती है। इसमें कुछ जमीन निजी स्वामित्व में है जबकि कुछ हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) के अधीन है। HSIIDC से सेक्टर 36-37 मास्टर रोड से संबंधित लंबित मुकदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
हाल ही में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने हाईवे पर पानी निकासी के लिए नरसिंहपुर में एक नाले का निर्माण कराया है। इसी नाले के साथ इस 60 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़क का निर्माण किया जाएगा।

1000 एकड़ में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी:
HSIIDC द्वारा गुरुग्राम के सेक्टर-36, 36बी, 37 और 37बी में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ग्लोबल सिटी परियोजना विकसित की जा रही है। इसमें वाणिज्यिक टावर, कार्यालय, आवासीय टावर, अस्पताल, स्कूल, नवाचार केंद्र, स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन जोन और हरित क्षेत्र जैसे अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।

हरियाणा सरकार ग्लोबल सिटी के पहले चरण को 587 एकड़ में विकसित कर रही है, जिसमें 13 किलोमीटर आंतरिक सड़कें, 82 एकड़ में लैंडस्केप, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पीने योग्य पानी का इंफ्रास्ट्रक्चर, रीसाइकल्ड वाटर पाइपलाइन और यूटिलिटी टनल का निर्माण शामिल है। पहले चरण का कार्य दिसंबर-2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। NH-48 से बेहतर कनेक्टिविटी इस परियोजना की सफलता में मील का पत्थर साबित होगी।











