JE Suspend : सीवरेज शिकायतों में फर्जीवाड़ा पड़ा भारी: MCG कमिश्नर ने जूनियर इंजीनियर को किया सस्पेंड
ई-समाधान पोर्टल की जांच में सामने आया सच; धरातल पर ओवरफ्लो जारी, कागजों में 'रिजॉल्व्ड' दिखाई जा रही थीं जनसमस्याएं

JE Suspend/गुरुग्राम
शुक्रवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई, बल्कि उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी कि “काम नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।” मुख्यमंत्री की इस सख्त फटकार के तुरंत बाद जिला प्रशासन व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी लापरवाह कर्मचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर जूनियर इंजीनियर (JE) अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से JE Suspend निलंबित कर दिया है, जबकि दो अन्य कनिष्ठ अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नगर निगम की यह पूरी कार्रवाई लोक निर्माण विभाग (PWD) विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ई-समाधान पोर्टल की जांच के बाद सामने आई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि ई-समाधान पोर्टल पर सीवरेज ओवरफ्लो से जुड़ी कई गंभीर शिकायतों को धरातल पर बिना कोई समाधान किए ही ‘रिजॉल्व्ड’ (निस्तारित) दिखा दिया गया था।
न्यू कॉलोनी मामले में JE Suspend
समीक्षा बैठक के दौरान न्यू कॉलोनी क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो और दुर्गंध से संबंधित शिकायत (संख्या 558612) को जांच में लिया गया। रिकॉर्ड में जूनियर इंजीनियर अमित कुमार ने इस शिकायत को पोर्टल पर हल होना दर्शाया था। हालांकि, जब शिकायतकर्ता सतीश कुमार मिड्ढा से मौके की पुष्टि के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या जस की तस बनी हुई है।
इसे आधिकारिक निर्देशों की अवहेलना और गंभीर लापरवाही मानते हुए निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (दंड और अपील) नियम, 2016 के तहत जेई अमित कुमार को तत्काल निलंबित JE Suspend कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें कार्यकारी अभियंता-मुख्यालय के कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
पालम विहार और बसई गांव के जेई को कारण बताओ नोटिस
इसी तरह पालम विहार में शुभम नागिया द्वारा दर्ज सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायत (संख्या 560000) को भी पोर्टल पर फर्जी तरीके से ‘रिजॉल्व्ड’ दिखाया गया था। जांच में शिकायतकर्ता ने बताया कि समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इस मामले में संबंधित जेई आरिफ खान (HKRN) को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों में जवाब मांगा गया है।
इसके अतिरिक्त, गांव बसई व आसपास के क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायत में भी धरातल और पोर्टल के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया। इस पर जेई तिलक (HKRN) को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
निगम आयुक्त ने दोनों जूनियर इंजीनियरों को 3 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने तथा 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ निगमायुक्त कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए पेश होने का कड़ा आदेश दिया है। सीएम की फटकार के बाद निगम की इस त्वरित कार्रवाई से लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
