जनगणना कार्य में बड़ी लापरवाही : निगम की शिकायत पर 5 प्रगणकों (Enumerators) के खिलाफ FIR दर्ज
सरकारी आदेशों की अवहेलना और राष्ट्रीय कार्य में बाधा डालने का आरोप; सेंसस एक्ट 1948 की धारा 11 के तहत सिटी थाना में FIR दर्ज

FIR : राष्ट्रीय जनगणना 2027 (National Census 2027) के महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ गुरुग्राम प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है । नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के चार्ज ऑफिसर (जनगणना) एवं जोनल टैक्सेशन ऑफिसर-III राजेश यादव की लिखित शिकायत पर गुरुग्राम सिटी थाना पुलिस ने ड्यूटी से गायब और काम न करने वाले 5 प्रगणकों (Enumerators) के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है । इन कर्मचारियों पर जनगणना ड्यूटी न निभाने, अनिवार्य ट्रेनिंग में हिस्सा न लेने और बार-बार दिए गए आधिकारिक निर्देशों के बावजूद काम शुरू न करके राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर आरोप है ।
इन 5 कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा (FIR)
पुलिस रिकॉर्ड और एफआईआर संख्या 0096 के अनुसार, जिन पांच प्रगणकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम और अलॉटेड हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) इस प्रकार हैं:
संदीप (HLB No. 57, जीजीपीएस सरहौल)
हंसराज (HLB No. 142, जीएमएसपीएस डूंढाहेड़ा)
कुलदीप (HLB No. 486, जीजीपीएस गुरुग्राम विलेज)
राजेश कुमार (HLB No. 496, जीएमएसपीएस सेक्टर 15, पार्ट 1)
अमित कुमार (HLB No. 715, जीपीएस डीएलएफ फेज-1)
IILO ऐप पर नहीं की एक भी एंट्री, सरकारी आदेशों की उड़ाई धज्जियां
शिकायतकर्ता अधिकारी राजेश यादव द्वारा पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी प्रगणकों की नियुक्ति 29/30 अप्रैल 2026 को चल रहे जनगणना कार्यों के लिए की गई थी । 17 मई 2026 को जब सक्षम प्राधिकारी द्वारा इनके कार्यों की समीक्षा की गई, तो पाया गया कि पर्याप्त समय और मार्गदर्शन दिए जाने के बावजूद इन कर्मचारियों ने जनगणना के लिए विशेष रूप से दिए गए IILO मोबाइल ऐप में एक भी एंट्री दर्ज नहीं की थी । यह सीधे तौर पर घोर लापरवाही और जानबूझकर राष्ट्रीय कार्य की अवहेलना को दर्शाता है ।
FIR के तहत 3 साल तक की जेल और जुर्माने का है प्रावधान
एफआईआर (FIR) में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम (Census Act), 1948 की धारा 11 के तहत नियुक्त किए गए सभी प्रगणक ‘पब्लिक सर्वेंट’ यानी लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं और वे कानूनी रूप से अपनी ड्यूटी करने के लिए बाध्य हैं । इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सौंपे गए जनगणना कार्यों को करने से मना करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसे दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है ।
सिटी थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर की जांच शुरू
नगर निगम से लिखित पत्र मिलने के बाद सिटी थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर मदन लाल) की देखरेख में पुलिस ने ‘द सेंसस एक्ट, 1948’ की धारा 11 के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है । मामले की आगामी तफ्तीश और कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर (SI) पवन कुमार को सौंपी गई है जो इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रहे हैं । प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यों को हल्के में लेने वाले अन्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।