Fake Vigilance Officer Arrest : फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर असली पुलिसवाले को धमकाया,दो गिरफ्तार
जाँच के दौरान दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर पाया गया। आरोपी दीपक के खिलाफ एनआई एक्ट (चेक-बाउंस) के दो मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, मुख्य आरोपी नितिन कुमार के खिलाफ इस अभियोग सहित कुल 05 गंभीर मामले दर्ज हैं।

Fake Vigilance Officer Arrest : गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो स्वयं को फर्जी विजिलेंस अधिकारी बताकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को धमकी देते थे और उनसे जबरन पैसों की मांग करते थे। इन आरोपियों ने महफिल गार्डन रेड लाइट पर तैनात एक जोनल ट्रैफिक अधिकारी (ZO Traffic) को भी निशाना बनाया था।
16 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-50 पुलिस थाने में तैनात जोनल अधिकारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को वह चालान ड्यूटी में व्यस्त थे, तभी एक ग्रे रंग की मारुति बलेनो कार आकर रुकी। कार में सवार दो लोगों ने खुद को विजिलेंस अधिकारी बताया और पुलिसकर्मी को बूथ में चलने को कहा।

बूथ के अंदर, उन्होंने पुलिसकर्मी पर शिकायतें होने का दबाव बनाया और कहा कि रात 7:30 बजे व्हाट्सएप कॉल करना और 50 हजार रुपये भेज देना। साथ ही, उन्होंने ‘पार्टी’ के नाम पर 5 हजार रुपये की तत्काल मांग भी की। जब पुलिसकर्मी ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उसी रात उन्हें धमकी भरा वीडियो भेजा।
शिकायत पर पुलिस थाना सेक्टर-50, गुरुग्राम में अभियोग अंकित किया गया। उप-निरीक्षक ललित कुमार, इंचार्ज अपराध शाखा सैक्टर-40 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए 25 नवंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हुड्डा मार्केट, सैक्टर-40 के नजदीक से काबू कर लिया।

आरोपियों की पहचान दीपक (उम्र-45 वर्ष), निवासी चरखी-दादरी (जो वर्तमान में गुरुग्राम में किराएदार है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है) और नितिन कुमार (उम्र-50 वर्ष), निवासी नांगलोई, दिल्ली (जो मुख्यतः नेपाल में रहता है) के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी नितिन नेपाल में रहता है और करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर दीपक से नेपाल में हुई थी। इसके बाद नितिन किसी वारदात को अंजाम देने के लिए कभी-कभी भारत आता था।

दोनों मिलकर दीपक की मारुति बलेनो कार में सवार होकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते थे, खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर उन्हें डराते थे और रुपयों की मांग करते थे। आरोपी नितिन अक्टूबर 2025 में ही भारत आया था, जिसके बाद उन्होंने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में इस प्रकार की एनसीआर (NCR) में करीब 6 से 7 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है, जिसके संबंध में आगे की जाँच जारी है।
जाँच के दौरान दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर पाया गया। आरोपी दीपक के खिलाफ एनआई एक्ट (चेक-बाउंस) के दो मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, मुख्य आरोपी नितिन कुमार के खिलाफ इस अभियोग सहित कुल 05 गंभीर मामले दर्ज हैं।
नितिन के पुराने अभियोगों में दिल्ली के तिलक मार्ग में दिल्ली सार्वजनिक संपत्ति विकृति निवारण अधिनियम, लाजपत नगर में चोरी/जबरन प्रवेश और सबसे गंभीर रूप से लाजपत नगर में ही धारा 376/328/354/120-बी IPC (दुष्कर्म, आहत करने, लज्जा भंग करने और आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। इसके अलावा, नोएडा में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का भी एक मामला दर्ज है।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार भी आरोपियों के कब्जे से बरामद कर ली है। आगामी कार्रवाई के लिए आरोपियों को माननीय अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि अन्य वारदातों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा सके।











