Encounter in Gurugram : मुठभेड़ के बाद पकड़े गए तीन पशु चोर, दो को लगी गोली
पुलिस टीम ने कारोला गांव पहुंचकर बदमाशों की तलाश शुरू की। जल्द ही उन्हें डबोदा मोड़ के पास एक पिकअप गाड़ी दिखी, जो सूचना में बताई गई गाड़ी से मेल खाती थी।

Encounter in Gurugram : गुरुग्राम पुलिस ने पशु चोरी और तस्करी की 15 से अधिक वारदातों में शामिल तीन शातिर बदमाशों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो आरोपियों को गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, एक पिकअप गाड़ी और चोरी की गई 20 बकरियां बरामद की गई हैं।
घटना 6 सितंबर, 2025 की रात को हुई, जब अपराध शाखा फर्रुखनगर के इंचार्ज, सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि कुछ लोग फर्रुखनगर के कारोला गांव में भैंस चोरी करने आए हैं। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने उच्च अधिकारियों को जानकारी दी और तुरंत एक पुलिस टीम का गठन किया। टीम को हिदायत दी गई कि आरोपी हथियारों से लैस हो सकते हैं, इसलिए सावधानी से काम लिया जाए।

पुलिस टीम ने कारोला गांव पहुंचकर बदमाशों की तलाश शुरू की। जल्द ही उन्हें डबोदा मोड़ के पास एक पिकअप गाड़ी दिखी, जो सूचना में बताई गई गाड़ी से मेल खाती थी। पुलिस ने गाड़ी को रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया और गाड़ी को घेर लिया। खुद को घिरा देखकर गाड़ी चालक ने गाड़ी को डूमा से कुतानी गांव के खेतों में उतार दिया, लेकिन गाड़ी कीचड़ में फंस गई।
गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधा फायर कर दिया, जिसकी गोली पुलिस की गाड़ी पर लगी। पुलिस ने हवाई फायरिंग कर उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों ने फिर से फायरिंग की। अपनी जान को खतरे में देख, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पैरों में गोली चलाई।
दो आरोपी, इस्माइल (19) और साजिद (42), गोली लगने से घायल हो गए और वहीं गिर पड़े। पुलिस ने तीसरे आरोपी, रईस (40), को भी मौके पर ही दबोच लिया। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के बरतौली गांव के रहने वाले हैं। घायल आरोपियों को तुरंत इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, एक पिकअप गाड़ी और कोसली से चोरी की गई 20 बकरियां बरामद कीं। इसके अलावा, मौके से आठ खाली कारतूस के खोल भी मिले (पांच आरोपियों द्वारा और तीन पुलिस द्वारा चलाए गए)।
शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि ये तीनों आरोपी कोसली से बकरियां चोरी करने के बाद फर्रुखनगर में भैंस चोरी करने की फिराक में थे, लेकिन गांव वालों की सतर्कता के कारण उन्हें वहां से भागना पड़ा। पुलिस को यह भी पता चला है कि ये गांवों से पशु चुराकर उन्हें बेचने का काम करते थे।
आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड देखने पर खुलासा हुआ कि उनके खिलाफ गुरुग्राम, रेवाड़ी और पलवल जिलों में चोरी, पशु तस्करी और लड़ाई-झगड़े के 15 से अधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घायल आरोपियों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि तीसरे आरोपी रईस को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।












