सावधान! बिजली बिल जमा न करने वाले Defaulters का कटेगा कनेक्शन, अधिकारी खुद पहुंचे फील्ड में
7 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान; लापरवाही करने वालेअधिकारियों पर गिरेगी गाज, रोजाना मंत्री को जाएगी रिपोर्ट।

Defaulter : यदि आपने अभी तक अपने बकाया बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है, तो सावधान हो जाएं! बिजली निगम अब ‘सॉफ्ट मोड’ से निकलकर पूरी तरह ‘सख्ती के मोड’ में आ गया है। निगम के प्रबंध निदेशक (MD) विक्रम सिंह ने बकाया राजस्व वसूली (Revenue Recovery) और बिजली लाइनों के रखरखाव (Maintenance) को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश: अब घर-घर होगी जांच
निगम प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल दफ्तरों में बैठकर काम नहीं चलेगा। प्रबंध निदेशक के आदेशानुसार, ऑपरेशन विंग के सभी मुख्य अभियंता (CE), अधीक्षण अभियंता (SE) और निदेशक स्तर के अधिकारी 7 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन फील्ड विजिट करेंगे।
इन दौरों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर उन Defaulters उपभोक्ताओं की पहचान करना है जिन्होंने लंबे समय से बिल नहीं भरा है। अधिकारी खुद मौके पर जाकर वसूली की प्रगति की समीक्षा करेंगे और जो उपभोक्ता भुगतान में आनाकानी करेंगे, उनके खिलाफ मौके पर ही सख्त कार्रवाई (जैसे कनेक्शन काटना) सुनिश्चित की जाएगी।
डिफॉल्टर्स (Defaulters) के लिए चेतावनी: लापरवाही पड़ेगी भारी
निगम प्रवक्ता के अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से उन डिफॉल्टरों पर केंद्रित है जो बकाया राशि दबाकर बैठे हैं।
कनेक्शन काटना: जिन उपभोक्ताओं के बिल बकाया हैं, उनके कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काटने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
कोई रियायत नहीं: निगम ने साफ कर दिया है कि 7 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या सिफारिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगरानी सीधे सरकार की: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट कार्यकारी अभियंता (मॉनिटरिंग) को भेजें। इन सभी रिपोर्ट्स को संकलित कर सीधे माननीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष पेश किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार कार्रवाई का स्तर काफी ऊंचा है।
मेंटेनेंस कार्यों पर भी नजर
वसूली के साथ-साथ, बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मेंटेनेंस कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन निगम का प्राथमिक संदेश यही है कि “बेहतर सेवा के लिए समय पर भुगतान अनिवार्य है।”
निगम की अपील: सभी डिफॉल्टर उपभोक्ता अप्रिय कानूनी कार्रवाई और बिजली कटने की असुविधा से बचने के लिए तुरंत अपने बकाया बिलों का भुगतान करें। आपके द्वारा जमा किया गया राजस्व ही बिजली ढांचे को मजबूत करने के काम आता है।