Eco-Friendly Campus: गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में शुरू होगी कैंपस मोबिलिटी, प्रदूषण मुक्त होगा नया परिसर
यूनिवर्सिटी के नए परिसर में शैक्षणिक भवन, एडमिन ब्लॉक और लाइब्रेरी एक-दूसरे से काफी दूरी पर स्थित हैं। छात्रों के समय और ऊर्जा की बचत के लिए प्रशासन ने कैंपस मोबिलिटी मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है।

Eco-Friendly Campus : सेक्टर-87 (कंकरौला) में निर्माणाधीन गुरुग्राम यूनिवर्सिटी का नया परिसर न केवल अपनी भव्यता, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी पहचाना जाएगा। 50 एकड़ में फैले इस विशाल कैंपस को जिले की पहली ‘इको-फ्रेंडली मोबिलिटी’ यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी है। यहाँ छात्रों को एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक तक जाने के लिए पैदल पसीना नहीं बहाना होगा, बल्कि उनके लिए ई-रिक्शा और साइकिल की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
यूनिवर्सिटी के नए परिसर में शैक्षणिक भवन, एडमिन ब्लॉक और लाइब्रेरी एक-दूसरे से काफी दूरी पर स्थित हैं। छात्रों के समय और ऊर्जा की बचत के लिए प्रशासन ने कैंपस मोबिलिटी मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे कैंपस में साइकिल स्टैंड बनाए जाएंगे। छात्र मामूली शुल्क देकर साइकिल का उपयोग कर सकेंगे।
खास बात यह है कि गुरुग्राम का यह पहला सरकारी शिक्षण संस्थान होगा जहाँ इस तरह की व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलेगी। कुलपति डॉ. संजय कौशिक के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कैंपस को प्रदूषण मुक्त रखना और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करना है।
पर्यावरण का साथ: ई-रिक्शा और साइकिल के उपयोग से कैंपस में कार्बन फुटप्रिंट कम होगा।
न्यूनतम शुल्क: सुविधाओं के रखरखाव और छात्रों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए छोटा सा शुल्क लिया जाएगा।
ई-रिक्शा की सुविधा: भारी सामान ले जाने या दूर स्थित भवनों तक जाने के लिए ई-रिक्शा सबसे कारगर विकल्प होगा।
दिव्यांगों को राहत: यह सुविधा विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों और शिक्षकों के लिए वरदान साबित होगी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि वर्तमान कैंपस से नए परिसर में शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होते ही इस सेवा को शुरू कर दिया जाएगा। साइकिल स्टैंड के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं।
“50 एकड़ का कैंपस काफी बड़ा है, इसलिए छात्रों की आवाजाही को सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है। साइकिल और ई-रिक्शा से छात्रों का समय बचेगा और कैंपस का वातावरण भी शुद्ध रहेगा।









