Gurugram में DTP की बड़ी कार्रवाई: 21 दुकानें सील,अतिक्रमण हटाया और 61 मकानों को नोटिस
DTP अमित मधोलिया के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में व्यापार केंद्र बाजार की पहली और दूसरी मंजिल पर बनी 21 दुकानों को सील किया गया है।

Gurugram News Network – गुरुग्राम के सुशांत लोक-एक के सी ब्लॉक स्थित व्यापार केंद्र बाजार में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कुल 21 दुकानों को सील कर दिया है और बाजार से अतिक्रमण भी हटाया है। इसके अलावा, 61 मकान मालिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर नक्शे के उल्लंघन और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का आरोप है।
DTP अमित मधोलिया के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में व्यापार केंद्र बाजार की पहली और दूसरी मंजिल पर बनी 21 दुकानों को सील किया गया है। इन दुकानों पर ले-आउट प्लान का उल्लंघन कर अवैध निर्माण करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद था, जिससे किसी भी तरह का विरोध सामने नहीं आया।

जिन प्रमुख दुकानों को सील किया गया है, उनमें पूजा टैक्सी, बंसीवाला, लाल मन यादव, द जंकेट, रमेश चंद यादव, मंजीत कौर, वेंस एसोसिएट, मृत टूर एंड ट्रेवल्स, दुर्गा एसोसिएट, हाइड्रोलिक एफोर्डेबल प्यूर वॉटर सॉल्यूशन, लेटस्ट प्रो, हरमैल सिंह, ट्री ऑन, हरीति इलेक्ट्रोनिक्स, विनू वर्मा, जीएचएस टेकीजो, सरिता और कुसुम भट्ट की दुकानें शामिल हैं।

सीलिंग अभियान के साथ-साथ, डीटीपीई ने इस बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर भी चलाया। 17 दुकानों के आगे अवैध रूप से लगाई गई लोहे की सीढ़ियों को तोड़ दिया गया। ये सीढ़ियां पार्किंग परिसर से दुकान तक बनाई गई थीं, जिससे पार्किंग की जगह कम हो रही थी।
तीन मोबाइल काउंटर और कॉमन एरिया में मदर डेयरी और सफल के दुकानदारों द्वारा लगाए गए दो शेड को भी तोड़ दिया गया। डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि अतिक्रमण की वजह से लोगों को परेशानी होती थी, जिसे अब दूर कर दिया गया है।
विभाग ने सुशांत लोक एक के सी ब्लॉक में “ऑफिस ऑन द स्पॉट“ अभियान भी चलाया। इस सर्वे के दौरान पाया गया कि 61 मकानों में नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन हुआ है। कई मकानों में स्टिल्ट पार्किंग में कमरे बना दिए गए थे, तो कुछ में अतिरिक्त फ्लोर का निर्माण कर लिया गया था।
इसके साथ ही, कुछ मकानों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही थीं, जैसे डॉक्टर के क्लिनिक, जिम, स्कीन केयर सेंटर, आई गेयर्स की दुकानें, डिपार्टमेंट स्टोर, बुक डिपो, खिलौनों की दुकानें, बेसमेंट में प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय और अन्य व्यावसायिक कार्यालय।
इन 61 मकान मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। डीटीपीई ने बताया कि अगले शनिवार को भी इस कॉलोनी में मकानों का सर्वे जारी रहेगा और उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस दिए जाएंगे। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो इन मकानों को भी सील किया जाएगा और उनकी खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाएगी।
जिन दुकानों या मकानों को सील किया गया है, उनकी सील खुलवाने के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं:
- शपथ पत्र: डीटीपीई कार्यालय में एक शपथ पत्र देना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि अवैध निर्माण को कब तक तोड़ा जाएगा।
- जुर्माना: 630 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा।
- बैंक गारंटी: 1260 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बैंक गारंटी जमा करवानी होगी।
यदि तीन महीने के अंदर अवैध निर्माण को नहीं हटाया जाता है या अतिक्रमण फिर से किया जाता है, तो बैंक गारंटी को जब्त कर लिया जाएगा। यह जुर्माना और प्रक्रिया अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के उल्लंघन के एवज में सील किए गए मकानों पर भी लागू होगी।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया कि विभाग अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा ताकि शहर में व्यवस्था और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।













