हादसा रोकने के लिए DTP का एक्शन, सोसाइटी के फ्लैट को किया सील
सोसाइटी के अन्य निवासियों ने इसकी शिकायत विभाग से की थी। नीचे और आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को कंपन महसूस हो रहा था। निवासियों को डर था कि इस तरह की छेड़छाड़ से पूरी इमारत की संरचना कमजोर हो सकती है।

DTP : साइबर सिटी में चिंटल पैराडाइसो जैसे बड़े हादसों से सबक लेते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) अब बेहद सतर्क नजर आ रहा है। सेक्टर-102 स्थित अदानी ओएस्टर एम2के (Adani Oyster M2K) सोसाइटी के बी-ब्लॉक में अवैध रूप से चल रहे निर्माण कार्य पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक फ्लैट को सील कर दिया है। फ्लैट मालिक बिना किसी तकनीकी अनुमति के ढांचे में बदलाव और फर्श की टाइलों को तोड़ने का काम करवा रहा था।
डीटीपीई (DTPE) अमित मधोलिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान पाया गया कि फ्लैट नंबर बी-1002 में नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा था। फ्लैट मालिक ने बिना विभाग की मंजूरी के स्टोर रूम और किचन के बीच की दीवार को पूरी तरह गिरा दिया था ताकि उसे एक बड़े हॉल का रूप दिया जा सके। इसके साथ ही पूरे फर्श की टाइलों को मशीन से उखाड़ा जा रहा था।

सोसाइटी के अन्य निवासियों ने इसकी शिकायत विभाग से की थी। नीचे और आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों को कंपन महसूस हो रहा था। निवासियों को डर था कि इस तरह की छेड़छाड़ से पूरी इमारत की संरचना कमजोर हो सकती है। लोगों ने वर्ष 2022 में हुए चिंटल पैराडाइसो हादसे का हवाला दिया, जहाँ फर्श की टाइल्स उखाड़ने के दौरान एक के बाद एक छह फ्लैट की छतें गिर गई थीं और मलबे में दबने से दो महिलाओं की जान चली गई थी।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि शिकायत मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बिना किसी स्ट्रक्चरल ऑडिट या पूर्व अनुमति के लोड-बेयरिंग दीवार और फर्श के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए विभाग ने फ्लैट को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया है।










