Gurugram में बनने वाले ग्रेटर एसपीआर का रास्ता साफ, 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज
प्राधिकरण मुआवजे की राशि तय करने के लिए साल 2011 से 2013 के बीच हुई रजिस्ट्रियों के औसत और उस समय के कलेक्टर रेट का सहारा ले रहा है।

Gurugram : गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) के विस्तार यानी ‘ग्रेटर एसपीआर’ के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। प्राधिकरण की योजना अगले एक सप्ताह के भीतर 14 गांवों की करीब 670 एकड़ जमीन के मुआवजे की घोषणा कर उसे कब्जे में लेने की है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस विशाल परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले जमीन मालिकों को करीब छह हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बतौर मुआवजा दी जाएगी। मुआवजे की दरें 6.5 करोड़ रुपये से लेकर 11 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक तय की जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि शिकोहपुर गांव की जमीन के लिए सबसे अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण का कार्य दो चरणों में विभाजित किया गया है।
प्रथम चरण में बहरामपुर, उल्लावास, कादरपुर, मैदावास, धुमसपुर और बादशाहपुर जैसे गांवों की लगभग 276 एकड़ जमीन शामिल है।दूसरे चरण में अकलीमपुर, टीकली, सकतपुर, शिकोहपुर, नौरंगपुर, बार गुर्जर, मानेसर और नैनवाल सहित आठ गांवों की 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
गौरतलब है कि इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया साल 2013 में ही शुरू हुई थी, लेकिन कानूनी अड़चनों और अदालती कार्यवाही के कारण यह मामला पिछले 12 वर्षों से लंबित था। पिछले साल नवंबर में कोर्ट का फैसला सरकार के पक्ष में आने के बाद अब इस परियोजना ने रफ्तार पकड़ी है।
प्राधिकरण मुआवजे की राशि तय करने के लिए साल 2011 से 2013 के बीच हुई रजिस्ट्रियों के औसत और उस समय के कलेक्टर रेट का सहारा ले रहा है। इन दोनों में से जो भी दर अधिक होगी, उसी के आधार पर किसानों को भुगतान किया जाएगा।
ग्रेटर एसपीआर के बन जाने से गुरुग्राम के आंतरिक इलाकों और नए विकसित हो रहे सेक्टरों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सड़क न केवल शहर के भीतर यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि दिल्ली-जयपुर हाईवे और सोहना रोड के बीच एक वैकल्पिक और तेज संपर्क मार्ग भी प्रदान करेगी।