Crime News : खेड़की दौला टोल पर हिस्ट्रीशीटर की हत्या का पर्दाफाश, नाबालिग ने 20 लाख के विवाद में मारी गोली
पुलिस की गहन पूछताछ में सामने आया कि यह पूरी कहानी 20 लाख रुपये के खूनी लालच और धोखे के इर्द-गिर्द घूमती है। दरअसल, मनोज ओझा ने नाबालिग को दो बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बदले भारी रकम का लालच दिया था।

Crime News : दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास हुए सनसनीखेज मर्डर केस को सुलझाते हुए गुरुग्राम पुलिस ने हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। 16 से अधिक संगीन मुकदमों में शामिल कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा की हत्या किसी विरोधी गैंग ने नहीं, बल्कि उसके ही साथ रहने वाले एक नाबालिग साथी ने की है। अपराध शाखा मानेसर ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नाबालिग को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। Murder At Kherki Daula Toll PLaza
पुलिस की गहन पूछताछ में सामने आया कि यह पूरी कहानी 20 लाख रुपये के खूनी लालच और धोखे के इर्द-गिर्द घूमती है। दरअसल, मनोज ओझा ने नाबालिग को दो बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बदले भारी रकम का लालच दिया था। पहली डील दिल्ली में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने की थी, जिसके लिए 20 लाख रुपये तय हुए थे।
हमला तो हुआ, लेकिन मनोज ने पैसे नहीं दिए। इसके बाद मनोज उसे एक और हत्या की सुपारी देकर हिसार ले गया, जहा फिर से 20 लाख का वादा किया गया। जब हिसार का मिशन फेल हो गया और लौटते वक्त नाबालिग ने अपने बकाया पैसे मांगे, तो मनोज मुकर गया। इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
13 जनवरी की शाम जब ये सभी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर दिल्ली लौट रहे थे, तभी टोल प्लाजा के पास विवाद इतना बढ़ गया कि नाबालिग ने आपा खो दिया। उसने गाड़ी में ही रखे अवैध देशी पिस्टल से मनोज ओझा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद तड़प रहे मनोज ओझा ने मरते समय एक वॉयस रिकॉर्डिंग अपने भाई को व्हाट्सएप पर भेजी, जिसमें उसने हमलावर का नाम उजागर किया। यही रिकॉर्डिंग उसकी मौत का सबसे बड़ा सबूत और पुलिस की तफ्तीश का आधार बनी।

मनोज ओझा दिल्ली के छतरपुर का रहने वाला था और पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर था। उस पर हत्या, डकैती, लूट और चोरी जैसे 16 संगीन मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजायाफ्ता भी था और साल 2025 में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।
अपराध शाखा मानेसर इन्चार्ज उप-निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी लोकेश (21 वर्ष) को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अब मुख्य आरोपी नाबालिग को काबू कर उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल देशी पिस्टल और खाली मैगजीन बरामद कर ली गई है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जहाँ से ये अवैध हथियार मुहैया कराए गए थे।











