C&D Plant : गुरुग्राम को मलबे से मिलेगी राहत, नगर निगम स्थापित करेगा नया प्लांट
इससे शहर से निकलने वाले शत-प्रतिशत मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सकेगा। निगम अधिकारियों के अनुसार, नए प्लांट के लिए शहर के बाहरी इलाके में उपयुक्त भूमि चिन्हित की जा रही है

C&D Plant : साइबर सिटी में तेजी से हो रहे निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे (C&D Waste) की समस्या को हल करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। शहर में जल्द ही 1200 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता का एक नया अत्याधुनिक वेस्ट प्लांट स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशों के बाद निगम ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
वर्तमान में गुरुग्राम के बसई इलाके में 1200 टीपीडी क्षमता का एकमात्र सीएंडडी प्लांट कार्यरत है। हालांकि, शहर के विस्तार और बढ़ते निर्माण कार्यों के कारण रोजाना निकलने वाला मलबा इस प्लांट की क्षमता से कहीं अधिक हो गया है। क्षमता कम होने की वजह से शहर के खाली प्लॉटों, ग्रीन बेल्ट और सड़कों के किनारे अवैध रूप से मलबा फेंका जा रहा था, जो न केवल शहर की सुंदरता बिगाड़ रहा है बल्कि वायु प्रदूषण का भी मुख्य कारण बन रहा है।
इससे पहले नगर निगम ने बेगमपुर खटोला और गांव धर्मपुर में छोटे-छोटे प्लांट लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन अब हरियाणा सरकार ने रणनीति बदलते हुए निगम को निर्देश दिए हैं कि टुकड़ों में प्लांट लगाने के बजाय एक ही विशाल और आधुनिक प्लांट बनाया जाए। इस आदेश के बाद निगम ने छोटे प्लांट लगाने के पुराने फैसले को वापस ले लिया है।
नया प्लांट शुरू होने के बाद गुरुग्राम में मलबे के निस्तारण की कुल क्षमता बढ़कर 2400 टीपीडी (1200 बसई + 1200 नया प्लांट) हो जाएगी। इससे शहर से निकलने वाले शत-प्रतिशत मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण संभव हो सकेगा। निगम अधिकारियों के अनुसार, नए प्लांट के लिए शहर के बाहरी इलाके में उपयुक्त भूमि चिन्हित की जा रही है, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर टेंडर जारी किए जाएंगे।
गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि बसई के अलावा 1200 टीपीडी का नया सीएंडडी प्लांट विकसित किया जा रहा है। इसके लिए उपयुक्त जगह तलाशी जा रही है। जगह फाइनल होते ही निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।”