DLF की 5000 प्रॉपर्टीज रडार पर, आज चलेगा Bulldozer, स्टिल्ट पार्किंग के अवैध निर्माण पर महा-कार्रवाई

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कमर्शियल गतिविधियां होंगी सील, हाईकोर्ट के आदेश के बाद महा-कार्रवाई

Bulldozer : नया गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के खिलाफ आज टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTPE) का बड़ा हंटर चलने जा रहा है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सख्त आदेशों की अनुपालना में विभाग आज यानी गुरुवार से डीएलएफ (DLF) फेज-3 में एक व्यापक तोड़फोड़ और सीलिंग अभियान शुरू कर रहा है। इसे गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में अब तक की सबसे बड़ी एन्फोर्समेंट (Bulldozer) कार्रवाई माना जा रहा है।

जिला नगर योजनाकार (DTP) एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया के नेतृत्व में विभागीय टीमों ने बुधवार को ही इस महा-अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। मौके पर किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन से भारी पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई है।

300 से अधिक संपत्तियों पर सीधा Bulldozer एक्शन, टारगेट पर PG और गेस्ट हाउस

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के तहत सबसे पहले डीएलएफ फेज-3 की उन 300 से अधिक संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा, जिन्हें विभाग द्वारा अंतिम रेस्टोरेशन आदेश (पूर्वावस्था में लाने के आदेश) जारी किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • स्टिल्ट पार्किंग का दुरुपयोग: रिहायशी इमारतों के स्टिल्ट एरिया में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए अवैध कमरों और दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया जाएगा।

  • कमर्शियल सीलिंग: रिहायशी मकानों के भीतर अवैध रूप से संचालित हो रहे पीजी (PG), गेस्ट हाउस, कॉर्पोरेट ऑफिस और रिटेल दुकानों को मौके पर ही सील कर दिया जाएगा।

  • अतिक्रमण पर वार: सड़कों और राइट ऑफ वे (ROW) यानी सरकारी रास्तों पर किए गए पक्के अतिक्रमणों को भी हटाया जाएगा।


Bulldozer कार्रवाई के लिए बनीं विशेष टीमें, एटीपी भी संभालेंगी कमान

इस मेगा ड्राइव को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग ने दो से तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी स्वयं डीटीपीई अमित मधोलिया करेंगे। कानून व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई के लिए एक टीम का नेतृत्व अमित मधोलिया खुद संभाल रहे हैं, जबकि दूसरी टीम की कमान सहायक नगर योजनाकार (ATP) दिव्या दहिया को सौंपी गई है। इन टीमों में विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और एन्फोर्समेंट स्टाफ के अन्य सदस्य भी शामिल रहेंगे।

क्या है कानूनी मामला?
यह पूरी कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित ‘डीएलएफ सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन बनाम हरियाणा सरकार एवं अन्य’ मामले में पारित आदेशों के तहत की जा रही है। कोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद विभाग उन सभी संपत्तियों पर एक्शन ले रहा है जिन्हें अदालत से कोई स्टे या कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं है। विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, अकेले डीएलएफ के पांचों फेज में अब तक 5,000 से अधिक संपत्तियों को नियमों के उल्लंघन के नोटिस दिए जा चुके हैं, जिनमें से 1,000 से अधिक को रेस्टोरेशन के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

अधिकारी का वर्जन (DTP Enforcement का बयान):Bulldozer
“यह पूरी कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील और ध्वस्त किया जाएगा। विभाग अवैध निर्माण को लेकर पूरी तरह सख्त है। यदि किसी ने भी सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने या टीम के साथ उलझने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ ऑन-द-स्पॉट कानूनी कार्रवाई की जाएगी और तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।”

— अमित मधोलिया, डीटीपीई (टाउन प्लानिंग), गुरुग्राम

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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