Breaking News: गुरुग्राम में 8 बांग्लादेशी पकड़े, 200 से ज़्यादा संदिग्धों की जांच जारी

गुरुग्राम पुलिस पूरा अभियान गृह मंत्रालय के आदेश पर चला रही है। पुलिस पिछले दस दिनों से दस्तावेजों की जांच कर रही है। संदिग्धों को पकड़कर होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है

Breaking News: गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक आठ बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है, जिनके भारतीय दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को उनके देश वापस भेजने (डिपोर्ट करने) की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

गुरुग्राम पुलिस पूरा अभियान गृह मंत्रालय के आदेश पर चलाया जा रहा है। पुलिस पिछले दस दिनों से दस्तावेजों की जांच कर रही है। संदिग्धों को पकड़कर होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है, जहां उनके कागजात संबंधित जिलों के डीएम और एसपी से सत्यापित कराए जा रहे हैं। इसके अलावा होल्डिंग सेंटर में 200 से ज्यादा संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है। लोगों के दस्तावेज सहीं मिलने पर उनको छोड़ दिया जा रहा है।

महिला सांसद ने उठाए सवाल
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने हरियाणा पुलिस द्वारा गुरुग्राम में चलाए जा रहे अभियान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले 10 दिनों से पुलिस पूरी तरह से अवैध अभियान चला रही है, जिसमें पश्चिम बंगाल से आए बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

गुरुवार देर शाम को एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में सांसद मोइत्रा ने कहा कि इन प्रवासी मजदूरों को, जिनमें कई मुस्लिम भी शामिल हैं। सभी को गुरुग्राम के सेक्टर 10ए के एक छोटे सामुदायिक केंद्र में हिरासत में रखा जा रहा है, जिसे उन्होंने हिरासत शिविर बताया। उन्होंने कहा कि ये मजदूर रसोइए, नौकरानी, घरेलू कर्मचारी, सफाईकर्मी, कबाड़ बीनने वाले और अकुशल मजदूर के रूप में काम करते हैं। मोइत्रा ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम और उसके आसपास पुलिस उन्हें बादशाहपुर, फाजिलपुर, यमुनानगर, गुरुग्राम और यहां तक कि अंबाला से भी उठा रही है, जिससे वे लगातार आतंक के साए में जी रहे हैं।

वैध दस्तावेज होने पर भी बांग्लादेशी कहा जा रहा
मोइत्रा ने दावा किया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी इन मजदूरों को उठा रहे हैं और धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये मजदूर डर में जी रहे हैं कि उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाएगा और उन्हें बांग्लादेशी कहा जा रहा है। सांसद ने बताया कि जब ये मजदूर अपने वैध आधार कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेज दिखाते हैं, तब भी पुलिस कह रही है कि यह पर्याप्त नहीं है।

गलत तरीके से दस्तावेज बनाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि कई बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों ने गुरुग्राम का स्थानीय पता देकर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवा लिए हैं। इनमें से अधिकांश ने किराए के मकानों का पता इस्तेमाल किया है। पुलिस ने मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किराएदारों की पूरी जांच और पुलिस सत्यापन के बाद ही मकान किराए पर दें।

अवैध प्रवासी हो रहे अंडरग्राउंड
दस्तावेज जांच के डर से कई अवैध प्रवासी अब भूमिगत हो गए हैं। वैध दस्तावेजों के अभाव में वे गिरफ्तारी से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों या दूसरे शहरों की ओर रुख करने लगे हैं। अधिकांश ऐसे लोग झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी बस्तियों में रह रहे थे।

गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेश पर लोगों की जांच की जा रही है। संदिग्ध मिलने पर उनको होल्डिंग सेंटर में रखा जाता है। उनके दस्तावेज लेकर गृहजिले के प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा जाता है। वहां से दस्तावेज सही मिलने पर उनको छोड़ दिया जाता है।

होल्डिंग सेंटर में लोगों को मूलभुत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक आठ बांग्लादेशी लोगों की पहचान हुई है। उनको डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही बस या ट्रेन से बीएसएफ के पास बॉर्डर पर भेजा जाएगा और वहां से आगामी कार्रवाई होगी।

चार जगह बनाए गए होल्डिंग सेंटर
सेक्टर-40 कम्युनिटी सेंटर
सेक्टर-10 कम्युनिटी सेंटर
बादशाहपुर कम्युनिटी सेंटर
मानेसर कम्युनिटी सेंटर

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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