बॉक्सिंग: विश्व मुक्केबाजी ने एक नई एशियाई संगठन की स्थापना की


टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह सहित छह अधिकारी नवगठित अंतरिम एशियाई निकाय में शामिल होंगे। भारत, बीएफआई से जुड़े अधिकारियों को सात महत्वपूर्ण समितियों में शामिल करते हुए, एशियाई मुक्केबाजी के भविष्य को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सिंह बोर्ड सदस्य है। n बोरगोहेन वैश्विक और एशियाई मुक्केबाजी में खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बीएफआई के महासचिव हेमंत कुमार कलिता और कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह को क्रमश: ओलंपिक आयोग और वित्त एवं लेखा जांच समिति में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हुआ है। सिंह ने कहा कि एशियाई मुक्केबाजी विश्व मुक्केबाजी में एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि मुक्केबाजी एलए 2028 और उसके बाद ओलंपिक खेलों में रहेंगे। n विश्व बॉक्सिंग के प्रमुख अधिकारी ने इस पहल को ‘खेल में क्रांति’ के रूप में देखा है। उनका कहना है कि एशिया में मुक्केबाजी के भविष्य को लेकर बहुत सकारात्मक दृष्टिकोण है और इस नई संस्था के गठन से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में एशियाई मुक्केबाज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। n इस नई संस्था की स्थापना के बाद से एशिया के विभिन्न देशों में मुक्केबाजी के प्रति बढ़ते हुए जुनून और ध्यान की झलक मिल रही है। देशों ने इस पहल को सराहा है और उनकी तैयारियां आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तेज हो गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह कदम एशियाई देशों के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। n इसके अलावा, यह संस्था एशियाई देशों के बीच अधिक सहयोग की उम्मीद भी करती है, जिससे खेल में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मजबूती आएगी। अब तक एशियाई देशों ने संयुक्त रूप से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है, और इस नई संस्था से उनकी सहभागिता और बढ़ने की संभावना है। n कुल मिलाकर, यह पहल एशियाई मुक्केबाजी के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे एशियाई देशों के खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक मजबूत अवसर मिलेगा। n यह भी पढ़ें : मैग्नस कार्लसन ड्रेस कोड उल्लंघन के कारण डिस्क्वालिफ़ाई हुए  

Back to top button