Blast In गुरुग्राम: तेज़ धमाके से दहल गया खेड़की माजरा गांव, ‘छोटे बम’ ने घर में मचाई तबाही, 5 झुलसे
अवैध गैस सिलेंडर, पांच किलो वाले 'छोटे बम' फटने से पांच श्रमिक झुलसे, दिल्ली रेफर

Gas Cylinder Blast : साइबर सिटी के खेड़की माजरा गांव में शुक्रवार की रात एक खौफनाक मंज़र देखने को मिला। खाना बनाते समय एक पांच किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस भयावह हादसे में एक ही कमरे में रहने वाले बिहार के पांच मज़दूर बुरी तरह झुलस गए। धमाका इतना ज़ोरदार था कि गांव में हड़कंप मच गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दिल्ली के एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया है।
हादसे का आंखों देखा हाल: मिनटों में तबाही : जानकारी के अनुसार, खेड़की माजरा गांव में बिट्टू के मकान में बिहार मूल के छह श्रमिक किराए पर रहते थे। शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे, जब पांच श्रमिक कमरे में पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर पर खाना बना रहे थे, तभी अचानक गैस लीकेज होने लगी। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, सिलेंडर ने आग पकड़ ली और कुछ ही सेकेंडों में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना भयावह था कि आग की लपटों ने कमरे को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। पांचों मज़दूर आग की लपटों में घिर गए और बुरी तरह झुलस गए। बिल्डिंग के अन्य निवासी और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को नागरिक अस्पताल पहुँचाया।
अवैध छोटे सिलेंडरों का कहर: मौत का सामान? : यह हादसा एक बार फिर उन अवैध रूप से इस्तेमाल होने वाले पांच किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों पर सवालिया निशान लगाता है, जिन्हें ‘छोटे सिलेंडर’ के नाम से जाना जाता है। मज़दूर वर्ग और प्रवासी आबादी के बीच लोकप्रिय ये सिलेंडर अक्सर “मौत का सामान” साबित होते हैं। इन सिलेंडरों की कई गंभीर कमियां हैं जो इन्हें बेहद खतरनाक बनाती हैं:
असुरक्षित रिफिलिंग: ये सिलेंडर अक्सर अधिकृत डीलरों के बजाय अवैध रूप से रिफिल किए जाते हैं, जिससे गैस लीकेज का खतरा काफी बढ़ जाता है। रिफिलिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता, जो किसी बड़े हादसे को दावत देता है।
घटिया क्वालिटी और रखरखाव: इनमें से कई सिलेंडर पुराने, जंग लगे और घटिया क्वालिटी के होते हैं। इनका कोई नियमित सुरक्षा परीक्षण (Hydro testing) नहीं होता, जिससे इनकी मज़बूती खत्म हो जाती है और ये किसी भी समय फट सकते हैं।
सुरक्षा उपकरणों का अभाव: प्रमाणित सिलेंडरों में सुरक्षा वॉल्व और अन्य उपकरण होते हैं, लेकिन इन अवैध छोटे सिलेंडरों में अक्सर इन बुनियादी सुरक्षा उपायों की कमी होती है। गैस लीकेज होने पर इन्हें नियंत्रित करना नामुमकिन होता है।
चिकित्सकों ने बताया गंभीर: 40% तक झुलसे : नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि झुलसे हुए पांचों मज़दूरों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच है और वे लगभग 40 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है।
चेतावनी और सतर्कता: जान है तो जहान है : खेड़की माजरा की यह घटना एक सख्त चेतावनी है। प्रशासन और पुलिस को अवैध रूप से गैस रिफिल करने वाले और असुरक्षित सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। साथ ही, आम जनता को भी सचेत रहने की ज़रूरत है। सस्ते के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालना समझदारी नहीं है। हमेशा केवल अधिकृत और प्रमाणित एलपीजी (LPG) वितरकों से ही गैस सिलेंडर खरीदें और समय-समय पर अपने गैस कनेक्शन की जांच करवाएं। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
Gas Cylinder Blast घटना की सूचना पाकर धनकोट चौकी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है और घायलों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है।