Delhi-NCR को बड़ी राहत: ग्रैप-4 के बाद अब ग्रैप-3 भी हटा, प्रदूषण की पाबंदियों से मिली आजादी
अब दिल्ली की सड़कों पर BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारें फिर से दौड़ सकेंगी। अब तक इन वाहनों को चलाने पर भारी-भरकम चालान का डर बना हुआ था।

Delhi-NCR : राजधानी दिल्ली और समूचे एनसीआर के लिए गुरुवार की सुबह नई ताज़गी और बड़ी राहत लेकर आई है। पिछले कई हफ्तों से स्मॉग और पाबंदियों की दोहरी मार झेल रहे निवासियों के लिए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) ने एक बड़ा ऐलान किया है। वायु गुणवत्ता में आए सकारात्मक सुधार को देखते हुए ग्रैप-3 (GRAP-III) की सभी पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है।
महज एक दिन पहले ही ग्रैप-4 की बेड़ियां खुली थीं और अब ग्रैप-3 के हटने से दिल्ली-एनसीआर ने प्रदूषण के कड़े लॉकडाउन से पूरी तरह मुक्ति पा ली है। ग्रैप-3 हटने का सीधा असर शहर की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। सबसे बड़ी राहत उन वाहन मालिकों को मिली है जिनकी गाड़ियां पाबंदियों के कारण गैराज में खड़ी थीं।

अब दिल्ली की सड़कों पर BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारें फिर से दौड़ सकेंगी। अब तक इन वाहनों को चलाने पर भारी-भरकम चालान का डर बना हुआ था। दिल्ली-एनसीआर के हजारों सरकारी और निजी प्रोजेक्ट्स, जो ‘गैर-जरूरी निर्माण’ की श्रेणी में होने के कारण बंद थे, अब फिर से शुरू हो सकेंगे। इससे निर्माण क्षेत्र से जुड़े लाखों मजदूरों को दोबारा रोजगार मिलेगा। ईंट भट्ठों, स्टोन क्रशर्स और खनन से जुड़ी गतिविधियों को फिर से संचालन की अनुमति मिल गई है।


Delhi Construction Ban Ends
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मैदानी इलाकों में चल रही तेज हवाओं ने दिल्ली के ऊपर जमे प्रदूषकों की चादर को हटा दिया है। इसी का नतीजा है कि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब लगातार 300 के आंकड़े से नीचे यानी ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में बना हुआ है। हालांकि यह अभी ‘संतोषजनक’ नहीं है, लेकिन ‘गंभीर’ श्रेणी से बाहर आना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ग्रैप-3 भले ही हट गया हो, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि प्रदूषण की समस्या जड़ से खत्म हो गई है। ग्रैप-1 और ग्रैप-2 (Stage I & II) के नियम अभी भी कड़ाई से लागू रहेंगे, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
खुले में कचरा या पत्तियाँ जलाने पर अभी भी भारी जुर्माना लगेगा।

सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल जारी रहेगा।
होटलों और ढाबों में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रशासन की पैनी नजर बनी रहेगी।











