Big News : गुरुग्राम में गैंगस्टर के भाई की हत्या में शामिल 13 दोषियों को उम्रक़ैद
मनीष गुर्जर पेशे से शराब कारोबारी और गैंगस्टर बिंदर गुर्जर का भाई था। मनीष गुर्जर अपने साथियों के साथ गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी मोड़ पर शराब ठेके पर अपने ड्राइवर के साथ पैसे लेने गया था।

Big News: गुरुग्राम के नामी गैंगस्टर रहे बिंदर गुर्जर के भाई मनीष गुर्जर की हत्या मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने 13 आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सभी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
बता दे कि यह हत्या की घटना 18 अक्तूबर 2016 की है । मनीष गुर्जर पेशे से शराब कारोबारी और गैंगस्टर बिंदर गुर्जर का भाई था। मनीष गुर्जर अपने साथियों के साथ गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी मोड़ पर शराब ठेके पर अपने ड्राइवर के साथ पैसे लेने गया था। उसी दौरान करीब एक दर्जन युवकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी । इस हमले में मनीष को कई गोलियां लगीं और मौके पर ही मनीष की मौत हो गई और ड्राइवर घायल हो गया था ।

पुलिस ने शिकायत के बाद मामला दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था । पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और सभी सबूत अदालत में पेश किए ।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने सबूतों के आधार पर सभी 13 आरोपियों को दोषी ठहराया । इनमें 1. राहुल पंडित निवासी बड़ी बहु अकबरपुर, जिला रोहतक (हरियाणा), 2. सचिन उर्फ बिल्लू निवासी बहु अकबरपुर, जिला रोहतक (हरियाणा), 3. रविकांत उर्फ विक्की निवासी गाडौली, जिला गुरुग्राम (हरियाणा), 4. सोमबीर उर्फ छतरी उर्फ नन्हा निवासी बहु अकबरपुर, जिला रोहतक (हरियाणा), 5. ब्रह्मप्रकाश निवासी गाडौली खुर्द, जिला गुरुग्राम (हरियाणा),

6. पवन कुमार निवासी डीगल, जिला झज्जर (हरियाणा), 7. कुलदीप निवासी गाडौली खुर्द, जिला गुरुग्राम (हरियाणा), 8. जयबीर निवासी सैक्टर-05, गुरुग्राम (हरियाणा), 9. लव शर्मा निवासी रत्न गार्डन, जिला गुरुग्राम (हरियाणा), 10. दीपक निवासी कंसाला रोहतक (हरियाणा), 11. मोनू निवासी कंसाला रोहतक(हरियाणा), 12. रवि कुमार निवासी मेहरम नगर, दिल्ली व 13. दिनेश निवासी मोखरा, जिला रोहतक (हरियाणा) शामिल थे।

सुनील चौहान, एडिशनल सेशन जज की माननीय अदालत ने फैसला सुनाते हुए उपरोक्त आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा दिए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर माननीय अदालत द्वारा उपरोक्त आरोपियों को दोषी करार दिया।

अदालत ने राहुल, सचिन, जयबीर, लव शर्मा, रवि कुमार, रविकांत, सोमबीर, दीपक व मोनू को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपए का जुर्माना व धारा 148/149 IPC के तहत 03 साल की सजा सुनाई गई।
दिनेश, कुलदीप, पवन उपरोक्त को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 25 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 148/149 IPC के तहत 03 साल की सजा व शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1) के तहत 03 साल की सजा व 10 हजार रुपए का जुर्माना सुनाई गई। ब्रह्मप्रकाश को धारा 302 IPC के तहत उम्र कैद (कठोर कारावास) व 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 IPC के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास सजा सुनाई ।

अधिकांश दोषियों को हत्या के आरोप में उम्रकैद और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हत्या के प्रयास के लिए भी 10 साल की कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कुछ दोषियों को दंगा करने और शस्त्र अधिनियम के तहत भी अतिरिक्त सजा और जुर्माना मिला है।
यह फैसला बताता है कि गुरुग्राम में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।










