गुरुग्राम नगर निगम का बड़ा फैसला,अप्रैल 2026 तक खत्म होगी सीवरेज की समस्या
निगम की योजना के तहत, सभी प्रभावित क्षेत्रों में सीवरेज लाइनों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और जहाँ ज़रूरत होगी वहाँ नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके लिए एस्टीमेट बनाने और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

Gurugram News Network – गुरुग्राम शहर की एक पुरानी और बड़ी समस्या, यानी सीवरेज जाम और ओवरफ्लो, अब जल्द ही खत्म हो सकती है। नगर निगम गुरुग्राम ने अप्रैल 2026 तक इस समस्या का स्थायी समाधान करने का लक्ष्य रखा है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई सीवरेज मॉनिटरिंग सेल की बैठक में इस दिशा में एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
शहर के 40 से अधिक संवेदनशील स्थानों की सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा की गई। इनमें कई गाँव और शहरी कॉलोनियाँ शामिल हैं, जैसे बसई, नाहरपुर रूपा, खांडसा, राजेन्द्रा पार्क, शांति नगर, सुशांत लोक और सेक्टर-57। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी जगहों पर तय समय सीमा के भीतर स्थायी समाधान किया जाए। जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक नागरिकों को अस्थायी राहत देने में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
निगम की योजना के तहत, सभी प्रभावित क्षेत्रों में सीवरेज लाइनों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और जहाँ ज़रूरत होगी वहाँ नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके लिए एस्टीमेट बनाने और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। निगम का लक्ष्य है कि 30 अप्रैल 2026 तक यह सारा काम पूरा हो जाए।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अवैध सीवरेज कनेक्शनों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। खासतौर पर औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों के अवैध कनेक्शनों को हटाने के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद, संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में कोई भी अवैध कनेक्शन न बचा हो।
इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए हर 15 दिन में समीक्षा बैठक होगी, जिसमें कार्य की प्रगति पर रिपोर्ट ली जाएगी। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पूरे सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क को जीआईएस आधारित डिजिटल मैप पर भी चिह्नित किया जाएगा, ताकि सिस्टम को बेहतर ढंग से समझा जा सके और भविष्य में सुधार करना आसान हो। यह कदम गुरुग्राम को एक स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।












