Artificial Rain : प्रदूषण के खिलाफ गुरुग्राम की सोसाइटी का बड़ा एक्शन, खुद कराई कृत्रिम बारिश
सोसाइटी प्रबंधन ने ऊंची इमारतों की छतों पर विशेष नोजल और हाई-प्रेशर पंप लगाकर कृत्रिम बारिश का इंतजाम किया। इस तकनीक के जरिए काफी ऊंचाई से पानी की महीन बौछारें छोड़ी गईं।

Artificial Rain : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर और छाई रहने वाली धुंध (Smog) से निपटने के लिए गुरुग्राम की एक हाउसिंग सोसाइटी ने सरकार और प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय खुद एक मिसाल कायम की है। शहर के सेक्टर-67 स्थित ‘एलिमेंट वन’ (Element One) हाउसिंग सोसाइटी ने अपने निवासियों को स्वच्छ हवा देने के लिए निजी स्तर पर ‘कृत्रिम बारिश’ का सफल प्रयोग किया है।
सोसाइटी प्रबंधन ने ऊंची इमारतों की छतों पर विशेष नोजल और हाई-प्रेशर पंप लगाकर कृत्रिम बारिश का इंतजाम किया। इस तकनीक के जरिए काफी ऊंचाई से पानी की महीन बौछारें छोड़ी गईं। विज्ञान के अनुसार, जब पानी की बूंदें हवा में मौजूद धूल के कणों और प्रदूषकों (PM 2.5 और PM 10) से टकराती हैं, तो वे उन्हें अपने साथ नीचे जमीन पर ले आती हैं। इससे हवा में घुली जहरीली परत साफ हो जाती है सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, इस प्रयोग से पहले परिसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) काफी डरावने स्तर पर था।

कृत्रिम बारिश के बाद न केवल दृश्यता (Visibility) में सुधार हुआ, बल्कि एक्यूआई स्तर में भी काफी कमी दर्ज की गई। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सुबह की सैर और बच्चों के खेलने के लिए अब वातावरण पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस हो रहा है।आमतौर पर कृत्रिम बारिश के लिए सरकारें क्लाउड सीडिंग जैसे महंगे विकल्पों पर विचार करती हैं
इस सोसाइटी ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर एक प्रभावी रास्ता दिखाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य बड़ी सोसायटियां और औद्योगिक इकाइयां भी इसी तरह के कदम उठाएं, तो सामूहिक रूप से प्रदूषण के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


सोसाइटी द्वारा की गई इस ‘आर्टिफिशियल रेन’ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग इस सक्रिय कदम की तारीफ कर रहे हैं और इसे “नागरिक जिम्मेदारी” का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि इस प्रक्रिया में पानी की बर्बादी न हो, इसके लिए ‘ट्रीटेड वॉटर’ या ‘वॉटर हार्वेस्टिंग’ के पानी का उपयोग करना बेहतर विकल्प है।










