New Expressway: अब सिर्फ 25 मिनट में AIIMS से पहुंचेंगे गुरुग्राम,100% एलिवेटेड होगा नया एक्सप्रेसवे
धौलाकुआं और सिरहौल बॉर्डर के भीषण जाम से मिलेगा परमानेंट छुटकारा; 35 किमी लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे का खाका तैयार

New Expressway : दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रेंगते ट्रैफिक में घंटों बिताने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने खुशियों का बड़ा पिटारा खोल दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली एम्स (AIIMS) से लेकर गुरुग्राम के गांव घाटा तक एक शानदार 35 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे की योजना को हरी झंडी दे दी है। सबसे खास बात यह है कि यह पूरा एक्सप्रेसवे 100 प्रतिशत एलिवेटेड होगा, यानी जमीन से ऊपर पिलर्स पर दौड़ेगा।
दो घंटे का सफर अब पलक झपकते होगा पूरा
वर्तमान में गुरुग्राम से दिल्ली एम्स या साउथ दिल्ली जाने में यात्रियों को पीक आवर्स के दौरान 1.5 से 2 घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह दूरी महज 25 से 30 मिनट में सिमट जाएगी। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा:
पहला चरण: दिल्ली एम्स से महिपालपुर तक।
दूसरा चरण: महिपालपुर से गुरुग्राम के गांव घाटा (गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड) तक।
क्यों चुना गया ‘एलिवेटेड’ मॉडल?
डीपीआर (DPR) तैयार कर रही कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और गुरुग्राम के घने इलाकों में जमीन के नीचे सुरंग बनाना (Underground) तकनीकी रूप से संभव नहीं है। दिल्ली मेट्रो की लाइनों और भूमिगत यूटिलिटी पाइपलाइनों के जाल के कारण इसे पूरी तरह एलिवेटेड रखने का फैसला लिया गया है। इससे निर्माण कार्य भी तेजी से होगा और भविष्य में रखरखाव में भी आसानी होगी।
इन बॉटलनेक्स से मिलेगी हमेशा के लिए आजादी
इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली-एनसीआर के तीन सबसे बड़े ‘जाम पॉइंट्स’ का नामोनिशान मिट जाएगा:
धौलाकुआं: एयरपोर्ट और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण यहाँ लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
महिपालपुर: होटल और कमर्शियल हब होने के कारण यहाँ का ट्रैफिक इस नए रूट पर शिफ्ट हो जाएगा।
सिरहौल बॉर्डर: दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लगने वाला घंटों का जाम अब इतिहास बन जाएगा, क्योंकि महिपालपुर से आने वाला ट्रैफिक सीधे गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर निकल जाएगा।
कनेक्टिविटी का महा-जाल
यह एक्सप्रेसवे केवल दो बिंदुओं को नहीं जोड़ेगा, बल्कि पूरे एनसीआर की कनेक्टिविटी सुधार देगा। गांव घाटा के पास यह सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) से जुड़ेगा, जो आगे चलकर द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (सोहना रोड के जरिए) से कनेक्ट होती है। यानी जयपुर या मुंबई जाने वाले यात्री भी बिना दिल्ली के जाम में फंसे इस रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
गुरुग्राम वासियों के लिए फायदा: “अब दिल्ली जाना किसी चुनौती जैसा नहीं लगेगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण कम करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।”