हरियाणा में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP), के नियमों पर सख्ती, उल्लंघन करने वालों के कटेंगे चालान
डीजीपी अजय सिंघल की दो टूक, अनधिकृत या छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट वाले वाहनों पर होगी कानूनी कार्रवाई, वाहन चालकों से जल्द से जल्द एचएसआरपी लगवाने की अपील

HSRP/चंडीगढ़
हरियाणा में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। इसके तहत अब प्रदेशभर में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। हरियाणा पुलिस जल्द ही एक व्यापक और विशेष जागरूकता सह एनफोर्समेंट अभियान शुरू करने जा रही है, जिसके तहत तय मानकों के खिलाफ जाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
HSRP : क्यों उठाया जा रहा है यह कदम?
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना, वाहनों की सटीक और विश्वसनीय पहचान सुनिश्चित करना तथा फर्जी नंबर प्लेटों के दुरुपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाना है। अक्सर देखने में आता है कि कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर अनधिकृत, अस्पष्ट या मानकों के विपरीत नंबर प्लेटों का इस्तेमाल करते हैं। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ऐसे सभी वाहनों पर पैनी नजर रखेगी।
HSRP : डीजीपी अजय सिंघल की वाहन चालकों से अपील
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अजय सिंघल ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए HSRP के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
“एचएसआरपी न केवल वाहनों की पहचान को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाती है, बल्कि वाहन चोरी जैसी वारदातों और आपराधिक मामलों की जांच में भी पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित होती है।” — श्री अजय सिंघल, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा
डीजीपी ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप HSRP लगवा लें और यातायात के सभी नियमों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।
एडीजीपी ट्रैफिक अमिताभ ढिल्लों ने बताई HSRP की विशेषताएं
एडीजीपी ट्रैफिक अमिताभ ढिल्लों ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 50, मोटर वाहन (HSRP) आदेश, 2018 और हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ये प्रावधान लागू किए गए हैं।
सुरक्षा विशेषताएं: HSRP में कई तरह की आधुनिक सुरक्षा विशेषताएं होती हैं, जिससे इसके साथ छेड़छाड़ करना या इसे बदलना असंभव होता है।
अपराध नियंत्रण: इन HSRP प्लेटों के जरिए वाहनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग आसान हो जाती है, जिससे चोरी हुए वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने में काफी मदद मिलती है।
इन गलतियों पर होगी सख्त कार्रवाई
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों की जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत भारी चालान व अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी:
जिन वाहनों पर निर्धारित HSRP बिल्कुल भी नहीं लगी है।
जिन वाहनों पर अनधिकृत, हाथ से लिखी या बाजार की फर्जी नंबर प्लेट्स लगी हैं।
HSRP नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करना, उसे किसी चीज से ढकना या मोड़ना।
HSRP नंबर प्लेट पर अनधिकृत स्टिकर या फैंसी डिजाइन का इस्तेमाल करना जिससे नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई न दें।
पुराने वाहनों के मालिकों के लिए जरूरी निर्देश
वे वाहन चालक जिनके पुराने वाहनों पर अभी तक HSRP नहीं लग पाई है, वे बिना किसी देरी के अधिकृत डीलरों या संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी (Registering Authority) के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर लें। किसी भी unauthorized या लोकल दुकान से HSRP नंबर प्लेट लगवाने से बचें।
इसके साथ ही, वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहन के अन्य जरूरी दस्तावेज जैसे— पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC), बीमा (Insurance), और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) को भी पूरी तरह अद्यतन (Updated) रखें। हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान जागरूकता के साथ शुरू होगा, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
