Pod Taxi :दिल्ली-एनसीआर में हाई-स्पीड RRTS की तर्ज पर चलाई जाएगी Pod Taxi
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 18वें UMI प्रोग्राम में किया ऐलान

Pod Taxi अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी का समाधान Pod Taxi
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए यातायात जाम और बढ़ते प्रदूषण की समस्या जल्द ही इतिहास बन सकती है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को गुरुग्राम में आयोजित 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) प्रोग्राम के समापन सत्र के दौरान एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली में इस्तेमाल हो रही ‘पॉड टैक्सी’ (Pod Taxi) जैसी अत्याधुनिक परिवहन प्रणालियों को दिल्ली-एनसीआर के अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और देश के प्रमुख शहरों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है।
शहरी विकास और गतिशीलता का नया संगम
मंत्री मनोहर लाल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज के समय में शहरी विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध हर नागरिक के जीवन स्तर और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं से है। इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय “शहरी विकास और गतिशीलता का संबंध” (Urban Development and Mobility Nexus) रखा गया था, जो इस बात पर ज़ोर देता है कि कैसे शहरी नियोजन और परिवहन निर्णय एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं, जिससे आर्थिक विकास, पर्यावरण की स्थिरता, सामाजिक समानता और जन स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि सच्ची गतिशीलता (True Mobility) केवल सड़कों और वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवर्तन और प्रगति का प्रतीक है। इसका मुख्य लक्ष्य हर नागरिक को एक सम्मानजनक और सुलभ शहरी अनुभव प्रदान करना है।
मेट्रो नेटवर्क में भारत की वैश्विक छलांग
केंद्रीय मंत्री ने देश में मेट्रो नेटवर्क के तेजी से हो रहे विस्तार पर भी गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि भारत का 1,100 किलोमीटर से अधिक का परिचालन (Operational) मेट्रो नेटवर्क विश्व में तीसरा सबसे बड़ा है और अगले कुछ वर्षों में यह दूसरे स्थान पर पहुँचने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो की सवारी को बढ़ाने के लिए अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (Last-Mile Connectivity) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), अपनी सहायक कंपनी दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (DMIL) के माध्यम से, अब केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मेट्रो परियोजनाओं के लिए कंसल्टेंसी, निर्माण, टर्नकी प्रोजेक्ट और संचालन व रखरखाव (O&M) से जुड़ी परियोजनाओं को मंत्रालय की ओर से नोडल एजेंसी के रूप में निष्पादित करेगी। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में देश की विशेषज्ञता को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा।
मंत्री मनोहर लाल ने सार्वजनिक परिवहन को सुविधाजनक और एकीकृत बनाने के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्ड पूरे देश में यात्रा और अन्य भुगतानों को एकीकृत कर यात्री अनुभव को बेहतर बनाएगा। पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, उन्होंने पीएम ई-बस सेवा के तहत छोटे शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को तैनात करने की योजना की जानकारी दी, जिसमें अकेले गुरुग्राम के लिए 100 ई-बसें आरक्षित की गई हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों, विशेषकर इलेक्ट्रिक ऑटो के प्रदर्शन का भी अवलोकन किया और सतत परिवहन समाधानों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया।
क्षमता निर्माण और नवाचार पर ज़ोर
शहरी परिवहन क्षेत्र में क्षमता निर्माण पर जोर देते हुए उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल अकादमी को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में मजबूत करने का संकेत दिया। यह संस्थान प्रशिक्षण, नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का केंद्र बनेगा।मंत्री ने कहा कि भविष्य में शहरों में परिवहन प्रणाली को एकीकृत करने के लिए ट्रांज़िट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और पार्किंग समस्या के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को सामूहिक रणनीतियां विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, ताकि भारत आने वाले वर्षों में शहरी परिवहन क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित कर सके।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन के अंत में आशा व्यक्त की कि ये सभी पहलें न केवल शहरी जीवन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि सतत विकास, हरित परिवहन और स्मार्ट शहरों के निर्माण के माध्यम से देश को विकसित राष्ट्र बनाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगी।