MBA Chor : बिजनेस में आया 25 लाख का घाटा, एमबीए स्टूडेंट बना चोर, ‘हाई-प्रोफाइल’ चोर गिरफ्तार
बिजनेस में घाटा बना अपराध की वजह, नौ मामले सुलझे, इसमें एक गुरुग्राम का

MBA Chor : दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है जिसने अपनी पढ़ाई और ट्रेनिंग का इस्तेमाल अपराध की दुनिया में कदम रखने के लिए किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पुनीत सतीजा के रूप में हुई है, जो एक एमबीए (MBA) ग्रेजुएट है।
बिजनेस में घाटा बना अपराध की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पुनीत सतीजा ने रेवाड़ी में गाड़ियों की एक्सेसरीज का बिजनेस शुरू किया था। इस कारोबार में उसे लगभग 25 लाख रुपये का भारी घाटा हुआ। कर्ज के बोझ तले दबे पुनीत ने शॉर्टकट के जरिए पैसे कमाने और घाटे की भरपाई करने के लिए चोरी का रास्ता चुना।
रॉयल एनफील्ड शोरूम में इंटर्नशिप और मास्टर प्लान
पुनीत ने गुरुग्राम के एक रॉयल एनफील्ड शोरूम में इंटर्नशिप की थी। इसी दौरान उसे शोरूम के काम करने के तरीके और ‘टेस्ट ड्राइव’ की प्रक्रिया की बारीकियों का पता चला। उसने इसी अनुभव का फायदा उठाकर गुरुग्राम और दिल्ली के विभिन्न शोरूम को अपना निशाना बनाना शुरू किया।
चोरी का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी बेहद शातिर तरीके से शोरूम में ग्राहक बनकर पहुंचता था। महंगी बाइक पसंद करने के बाद वह ‘टेस्ट ड्राइव’ की मांग करता। शोरूम के कर्मचारियों को झांसा देकर वह बाइक लेकर निकलता और फिर कभी वापस नहीं लौटता था। वह गुरुग्राम और दिल्ली-NCR के इलाकों में इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है।
हरियाणा के गुरुग्राम और दिल्ली में टेस्ट ड्राइव के बहाने महंगी बाइक चोरी के केस में गिरफ्तार MBA स्टूडेंट पुनीत सतीजा ने खुलासा किया है कि उसने रेवाड़ी में एस्सेरीज का बिजनेस किया, लेकिन 25 लाख का नुकसान हो गया। उसकी भरपाई के लिए उसने महंगी बाइक चोरी करके उन्हें सस्ते दाम पर बेचने का काम शुरू किया।
तीन महीने पहले उसने गुरुग्राम के सिविल लाइन एरिया में इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। वह टेस्ट ड्राइव के बहाने बाइक को राजीव चौक पर ले गया और दिल्ली की तरफ भाग गया। गुरुग्राम पुलिस अब इस मामले में आरोपी को दिल्ली से रिमांड पर लेकर आएगी।
उधर, दिल्ली के रोहिणी इलाके में गिरफ्तारी के बाद पता चला कि 29 वर्षीय पुनीत सतीजा मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी का रहने वाला है। फिलहाल गुरुग्राम और दिल्ली में ठिकाने बदलकर रह रहा था। वह फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार करके चोरी की गई महंगी बाइकों को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सस्ते रेट में बेचता था।
पुनीत सलूजा और कैसे करता था बाइक लूट…
बीकॉम करके एमबीए कर रहा : पुलिस के मुताबिक, पुनीत सतीजा बी.कॉम ग्रेजुएट है और अब MBA कर रहा है। उसने ढाई साल तक कार एक्सेसरीज का बिजनेस चलाया, लेकिन इसमें उसे घाटा हो गया। इसके बाद वह गुरुग्राम में रहते हुए 2025 से काम कर रहा था। यहां उसने पहले रॉयल एनफील्ड शोरूम में छह महीने सेल्समैन की इंटर्नशिप भी की, जिससे उसे बाइक शोरूमों की कार्यप्रणाली की अच्छी जानकारी हो गई।
इंटर्नशिप करते हुए आया बाइक चुराने का आइडिया : बिजनेस में लगातार असफलता और आर्थिक तंगी ने उसे महंगी मोटरसाइकिलें चुराने का आइडिया दिया। उसका तरीका काफी शातिर था, वह विभिन्न शोरूमों में जाता, टेस्ट ड्राइव के बहाने बाइक लेकर निकल जाता और कभी लौटकर नहीं आता। पिछले चार महीनों में उसने दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम के कई शोरूमों से एक ही पैटर्न पर चोरी की।
अब तक तीन बाइकें बेच चुका : पुलिस के मुताबिक, वह तीन बाइकें बेच चुका था, जबकि छह बाइकों को बेचने के लिए फेसबुक मार्केट प्लेस, वॉट्सएप ग्रुप और ओएलएक्स आदि पर एड डाल चुका था। कुछ लोगों ने उससे बाइक खरीदने के लिए कॉन्टेक्ट भी किया था। एक बाइक का सौदा फाइनल हो चुका था और सोमवार को उसे डिलीवरी देनी थी, लेकिन उससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने रोहिणी से उसे अरेस्ट कर लिया।
ऐसे आया पुलिस के हाथ : तीन दिन पहले 19 मार्च को उसने रोहिणी के विजय विहार थाना क्षेत्र में रॉयल एनफील्ड शोरूम से इसी पैटर्न पर बाइक चोरी की। यहां के सेल्सपर्सन दीपक खन्ना की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इस बाइक में जीपीएस लगा हुआ था। तकनीकी और खुफिया निगरानी से पुलिस ने पुनीत को भलस्वा डेयरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
नौ मामले सुलझे, इसमें एक गुरुग्राम का
डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि उसके पास से सीमापुरी से चोरी की जावा बाबर-42 बरामद हुई। उसकी निशानदेही पर बुराड़ी से पांच और बाइकें बरामद की गईं, इनमें तीन जावा, दो रॉयल एनफील्ड हैं। जिनकी हर बाइक की कीमत 3 लाख रुपये तक है।
उसकी गिरफ्तारी से बाइक चोरी के नौ मामले सुलझे। इनमें दिल्ली के विजय विहार, साकेत, सीमापुरी, तिलक नगर, मॉडल टाउन, मोती नगर, पहाड़गंज और गुरुग्राम के सिविल लाइन थाने शामिल हैं। हालांकि पुलिस अभी गहन पूछताछ कर रही है और कई अन्य मामले खुलने की उम्मीद है। आरोपी के खिलाफ पहले कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था।