Main Road : गुरुग्राम की 24 मीटर सड़कों से जल्द हटेगा कब्जा, होंगी खाली, जीएमडीए ने कसी कमर
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र, संकरी सड़कों के कारण नरक बनी जिंदगी से हजारों परिवारों को मिलेगी निजात

Main Road : साइबर सिटी गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे और यातायात सुगमता को लेकर एक बड़ी हलचल शुरू हो गई है। GMDA ने शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण और कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है। इस कदम के बाद अब उन लोगों के बीच हड़कंप मच गया है जिन्होंने इन प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है या जो विकास कार्यों में बाधा बने हुए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि शहर के विकास की राह में रोड़ा बनने वाले कब्जों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जल्द ही इन सड़कों को पूरी तरह से खाली कराकर चौड़ा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में GMDA ने विस्तार से बताया है कि किस प्रकार शहर के विभिन्न सेक्टरों और इलाकों में 24 मीटर की Main Road प्रस्तावित सड़कें आज महज कागजों तक सीमित रह गई हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि कहीं अवैध निर्माण, कहीं झुग्गियां तो कहीं व्यावसायिक अतिक्रमण के कारण ये सड़कें संकरी होकर 5 से 10 मीटर तक रह गई हैं। इन संकरी सड़कों के कारण क्षेत्र के हजारों परिवारों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संकरे रास्तों की वजह से न केवल घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी मौके पर पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पत्र के साथ ही कब्जाधारियों के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का निजी अधिकार स्वीकार्य नहीं होगा। जिन लोगों ने 24 मीटर रोड की जद में आने वाली जमीन पर अवैध निर्माण कर रखे हैं या पार्क और पार्किंग के नाम पर घेरा डाल रखा है, उन्हें अब अपनी जमीन खाली करनी ही होगी। आने वाले दिनों में जीएमडीए भारी पुलिस बल के साथ बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान चलाने की योजना बना रहा है। कब्जा जमाए बैठे लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा हटाए जाने पर होने वाले खर्च की वसूली भी उन्हीं से की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
गुरुग्राम की बदलती तस्वीर और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इन 24 मीटर सड़कों का अपने मूल स्वरूप में आना अनिवार्य हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही जीएमडीए इन प्रोजेक्ट्स पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर देगा। शहरवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है कि जल्द ही उन्हें जाम और संकरी गलियों के घुटन भरे माहौल से मुक्ति मिलेगी। यह लेख गुरुग्राम के उन हजारों परिवारों की आवाज है जो वर्षों से अपनी ही सुख-सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग कितनी तत्परता से इन कब्जाधारियों पर बुलडोजर चलाकर सड़कों को उनके असली आकार में वापस लाता है।