Electric Bus Fleet गुरुग्राम में दौड़ेगी रफ्तार: 100 नई इलेक्ट्रिक बसें और 20 नए रूट तैयार
द्वारका एक्सप्रेस-वे से लेकर दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो तक, अब आसान होगा आपका सफर; GMCBL ने तैयार किया 380 किमी का मेगा प्लान।

Electric Bus Fleet नया नेटवर्क न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि हाई-फ्रीक्वेंसी बसों के जरिए मॉल, यूनिवर्सिटी और बिजनेस हब्स तक पहुंचना बेहद आसान बना देगा।
गुरुग्राम: साइबर सिटी के निवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के मोर्चे पर एक बड़ी खुशखबरी है। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) ने शहर की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कमर कस ली है। अगले कुछ महीनों में शहर के बेड़े में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं, जिनके लिए 20 नए रूटों का एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
कनेक्टिविटी का नया जाल (380 किमी नेटवर्क)
GMCBL द्वारा तैयार किए गए इस नए रूट मैप का लक्ष्य शहर के नए सेक्टरों, मानेसर और द्वारका एक्सप्रेस-वे को मुख्य नेटवर्क से जोड़ना है। कुल 380 किलोमीटर के इस नेटवर्क को ट्रंक, प्राइमरी और रीजनल रूट्स में बांटा गया है:
उत्तर (North): 24 बसें पालम विहार और एम्स (AIIMS) बाढसा की ओर चलेंगी।
दक्षिण (South): 24 बसें सोहना, मारुति कुंज और IMT मानेसर को कवर करेंगी।
पूर्व (East): 22 बसें घाटा, साइबर सिटी और हुडा सिटी सेंटर (मिलेनियम सिटी सेंटर) के बीच दौड़ेंगी।
पश्चिम (West): 18 बसें फर्रुखनगर, सुल्तानपुर नेशनल पार्क और चंदू बुढेरा जैसे इलाकों को जोड़ेंगी।
द्वारका एक्सप्रेस-वे और इंटरसिटी सफर पर जोर
नए गुरुग्राम के निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि द्वारका एक्सप्रेस-वे के पास के सेक्टरों के लिए 8 विशेष रूट प्रस्तावित हैं, जिन पर 54 बसें चलेंगी।
सबसे लंबे रूट:
गुरुग्राम बस स्टैंड से बल्लभगढ़ (42 किमी)
द्वारका सेक्टर 21 एयरपोर्ट मेट्रो इंटरचेंज (32 किमी)
IMT मानेसर से साइबर सिटी (28 किमी)
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और छोटी बसें
शहर की तंग गलियों और संकरे रास्तों के लिए GMCBL ने रणनीति बदली है। अब 9-मीटर की छोटी इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएंगी, जो उन रास्तों पर आसानी से चल सकेंगी जहाँ 12-मीटर की बड़ी बसों को दिक्कत होती थी। लगभग 30 बसें विशेष रूप से ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ के लिए रखी गई हैं, जो मेट्रो स्टेशनों और बाहरी इलाकों जैसे भोंडसी और फर्रुखनगर के बीच की दूरी को कम करेंगी।
क्या होगा खर्च और कब शुरू होगी सेवा?
अधिकारियों के अनुसार, इन बसों के अगले तीन महीनों में आने की उम्मीद है। शुरुआत में इन्हें ट्रायल बेसिस पर चलाया जाएगा और यात्रियों की संख्या (Footfall) के आधार पर रूटों में बदलाव किया जाएगा।
दैनिक रन: प्रत्येक बस प्रतिदिन लगभग 200 किमी चलेगी।
लागत: परिचालन लागत ₹55.47 प्रति किलोमीटर तय की गई है |