Haryana Govt Employees: हरियाणा में कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खबर, विभागों व बोर्ड-निगमों में एससी-बीसी पदों का बैकलॉग होगा खत्म
Haryana Govt Employees: हरियाणा के सरकारी विभागों व बोर्ड-निगमों में अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों व अधिकारियों के बैकलॉग को समाप्त किया जाएगा। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद मुख्य सचिव इस संदर्भ में सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों, विभाग प्रमुखों तथा बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश भी दे चुके हैं।
राज्य में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी यानी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तुलना में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी यानी प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के पदाें पर बैकलॉग अधिक है। हालांकि हरियाणा लोकसेवा आयोग तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग नियमित भर्तियों में एससी और बीसी के आरक्षण के हिसाब से पदों को भरने के लिए विज्ञापन भी जारी करता है।
बैकलॉग शुरू से ही रहा है बड़ा मुद्दा
कई बार ऐसा हुआ है जब पदों की संख्या के हिसाब से उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिले। इस वजह से भी बैकलॉग बढ़ा है। सरकार प्रमोशन के माध्यम से भी बैकलॉग को समाप्त करने की कोशिश में जुटी है। एससी-बीसी के बैकलॉग का शुरू से ही बड़ा मुद्दा रहा है।
प्रदेश के विभिन्न विभागाें में ग्रुप-ए के कुल कार्यरत 7 हजार 129 कर्मचारियों में से 1249 एससी वर्ग से हैं। ग्रुप-ए में एससी वर्ग के 177 पद खाली हैं। वहीं ग्रुप-बी में एससी वर्ग के अधिकारियों का बैकलॉग 386 है। ग्रुप-बी के कुल 38 हजार 51 कर्मचारियों में से 7 हजार 224 एससी वर्ग से हैं। हालांकि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारियों में बैकलॉग नहीं है।
ग्रुप-सी के 1 लाख 87 हजार 274 कर्मचारियों में से 37 हजार 511 एससी कर्मचारी हैं। वहीं, ग्रुप-डी में कार्यरत कुल 40 हजार 877 कर्मचारियों में से एससी की संख्या 13 हजार 736 है। एसी वर्ग के लिए कुल 20 प्रतिशत आरक्षण है लेकिन ग्रुप-डी के पदों पर एससी वर्ग को फिलहाल 33.60 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिला हुआ है।
ग्रुप-सी के पदों पर सबसे अधिक बैकलॉग
विभागों में ग्रुप-ए के पदों पर कार्यरत 7129 अधिकारियों में से 593 बीसी-ए से संबंधित हैं। बीसी-ए का 191 पदों का बैकलॉग है। बीसी-ए को ग्रुप-ए व ग्रुप-बी की नौकरियों में 11 और ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की नौकरियों में 16 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। ग्रुप-बी के पदों पर कार्यरत कुल 38051 अधिकारियों में से 4310 बीसी-ए से संबंधित हैं।
यानी यहां 11 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मिला हुआ है। ग्रुप-सी के पदों पर सबसे अधिक बैकलॉग है। ग्रुप-सी के 1 लाख 87 हजार 274 कुल कार्यरत कर्मचारियों में से 28 हजार 758 बीसी-ए से जुड़े हैं। 1206 पदों का बैकलॉग है। ग्रुप-डी के पदों पर कोई बैकलॉग नहीं है।
बीसी-बी को नौकरियों में मिला हुआ है पूरा वेट
पिछड़ा वर्ग की ‘बी’ कैटेगरी में शामिल जातियों को नौकरियों में पूरा वेट मिला हुआ है। ग्रुप-डी के पदों को छोड़कर किसी भी कैटेगरी में बैकलॉग नहीं है। अलबत्ता कोटे से अधिक पदों पर बीसी-बी के कर्मचारी कार्यरत हैं। बीसी-बी में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के पदाें पर 6 प्रतिशत तथा ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों पर 11 प्रतिशत आरक्षण मिलता है।
ग्रुप-ए के 7129 कुल अधिकारियों के मुकाबले बीसी-बी के 474 कर्मचारी तैनात हैं। इसी तरह ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के पदों पर आरक्षण से अधिक लाभ बीसी-बी समाज को मिला हुआ है। ग्रुप-डी के 40 हजार 877 कर्मचारियों के मुकाबले बीसी-बी के 4246 कार्यरत हैं। 250 पदों का बैकलॉग है।